सहरसा नगर : भक्ति, उमंग व उत्साह पूर्ण माहौल में नये साल 2016 की शुरुआत शुक्रवार को हुई. जिले के छोटे बड़े सभी देव स्थल लोगों से भरे रहे. हर किसी ने नव वर्ष की अच्छी व सफल शुरुआत की कामना लिये ईश्वर से आशीर्वाद लिया व कर्तव्य के बेहतर पालन का संकल्प लिया.
खिली धूप की वजह से नये साल के सेलिब्रेशन को लेकर लोगों का उत्साह कायम रहा. 31 दिसंबर की रात घड़ी की सूई 12 पर चढ़ते ही जम कर आतिशबाजी हुई. फिर शुरू हुआ एक दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला. लोगों ने फोन व इंटरनेट एप के जरिये अपनों को नये वर्ष की शुभकामनाएं दीं. सुबह नहा धोकर पूजा-पाठ किया. अौर फिर चल पड़े पिकनिक मनाने.
बलुआहा घाट पर रही लोगों की अप्रत्याशित भीड़
नये साल के मौके पर पिकनिक मनाने की चाहत व नव निर्मित पुल देखने को लेकर बलुआहा घाट पर लोगों की अप्रत्याशित भीड़ रही. पर्यटकों को घाट के आसपास जहां भी जगह मिली वहीं मजमा लगा दिया. वहीं दुकानदारों ने भी भीड़ को लेकर पूर्व में तैयारियां कर रखी थी. हर जगह पर मिठाई व चाट पकौड़े के स्टॉल लगे रहे. स्थानीय लोगों ने बताया कि भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है.
रक्तकाली धाम में बनी रही रौनक
धर्मधाम के रूप में स्थापित व प्रतिष्ठित रक्त काली चौंसठ योगिनी धाम में नव वर्ष के मौके पर सुबह पट खोलने से लेकर देर रात तक रौनक बनी रही. लगभग 70 हजार की संख्या में लोगों ने पहुंच पूजा अर्चना की.
रंग बिरंगे व सजे परिधानों में परिवार के साथ पहुंच लोगों ने देवी रक्त काली चौंसठ योगिनी, कामाख्या दुर्गा, महादेव, नवग्रह, बजरंग बली, सरस्वती व राधा कृष्ण, संत लक्ष्मीनाथ गोसाई, बाबा कारू खिरहर मंदिर सहित देवी लक्ष्मी की मंदिरों में घूम घूम कर दर्शन किया.
श्रद्धालुओं के बीच विभिन्न देवालयों के समक्ष तसवीरें खींचवाने की भी होड़ मची रही. मत्स्यगंधा परिसर में पहले से लगे रक्तकाली मेले ने नव वर्ष की रौनक को और भी बढ़ा दिया. रक्तकाली मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेडियम के समक्ष कई पार्किंग बनाये गये थे.
