दस बजे तक कुहासे की चादर में लिपटा रहा शहर फिर भी दिखता रहा लोगों में उत्साह, बनी रही चहल-पहलसहरसा मुख्यालय. पहली जनवरी की सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो उन्हें पांच फीट की दूरी के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन नये साल के जश्न के आगे लोगों ने कुहासे की कोई परवाह नहीं की. सुबह से ही लोगों का स्नान करना शुरू हो गया और वे पूजा के लिए मंदिरों की ओर निकल पड़े. कुहासों के बीच ही सड़कों पर पैदल, साइकिल, बाइक सवार व चार पहिए वाहनों की भीड़ बनी रही. मोटर वाहनों की लाइट जलती रही और गाड़ियां सरकती रही. ठंड के बावजूद लोगों की भीड़ मटन, चिकेन व मछलियों की दुकानों पर लगी रही. वैष्णव लोगों ने तरह-तरह के पकवान के लिए हरी सब्जियां खरीदते दिखे या फिर पनीर व मिठाइयां खरीदने में लगे रहे. न्यू इयर केक की भी बिक्री खूब हुई, लेकिन दस बजने के बाद धीरे-धीरे कुहासों का प्रभाव होता गया और आसमान में चमकता सूरज दिखायी देने लगा तो लोगों ने राहत की सांस ली और न्यू इयर सेलिब्रेशन में जुट गए.फोटो-कुहासा 48- सुबह नौ बजे वीर कुंवर सिंह पर कुहासों का हाल
दस बजे तक कुहासे की चादर में लिपटा रहा शहर
दस बजे तक कुहासे की चादर में लिपटा रहा शहर फिर भी दिखता रहा लोगों में उत्साह, बनी रही चहल-पहलसहरसा मुख्यालय. पहली जनवरी की सुबह जब लोगों की आंखें खुली तो उन्हें पांच फीट की दूरी के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन नये साल के जश्न के आगे लोगों ने कुहासे […]
