मेेरे घर आयी एक नन्ही परीबेटियां किसे प्यारी नहीं होतीं. जाति-धर्म, अमीर-गरीब, प्यार बराबर. सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर-सलखुआ कोसी नहर की कछार पर सोनपुरा व मुसहरनियाँ गांव के बीच है एक महादलित टोला. यहीं के अस्सी वर्षीय भोला शर्मा के घर कुछ माह पहले एक नन्ही परी का आगमन हुआ. ठंड में धूप में सुला कर बच्ची को प्यार कर रहे हैं भोला शर्मा. फोटो । अजय कुमार
मेेरे घर आयी एक नन्ही परी
मेेरे घर आयी एक नन्ही परीबेटियां किसे प्यारी नहीं होतीं. जाति-धर्म, अमीर-गरीब, प्यार बराबर. सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर-सलखुआ कोसी नहर की कछार पर सोनपुरा व मुसहरनियाँ गांव के बीच है एक महादलित टोला. यहीं के अस्सी वर्षीय भोला शर्मा के घर कुछ माह पहले एक नन्ही परी का आगमन हुआ. ठंड में धूप में सुला […]
