दिन में धूप, शाम होते ही कांपने लगता शरीर दिन के उजाले में बाहर का काम निपटा कर लौट आते हैं लोगप्रतिनिधि, सहरसा नगर सर्दी की सुबह बह रही तेज व बर्फीली हवाओं के बीच रोजाना भगवान भास्कर के दर्शन होने से लोगों की जीवन शैली मौसम के साथ चल रही है. मंगलवार को दिन के 9 बजे से निकली धूप का आलम यह था कि लोग आलस्य को त्याग अपने रुके कामों को निबटाने में व्यस्त हो गये. बीते छह दिनों से बाजार में भी ग्राहकों की भीड़ दिखने लगी है. खिली धूप का आलम यह था कि घर से लेकर सड़कों तक लोगों के चेहरे खिले थे. अन्य दिनों की अपेक्षा सरकारी कार्यालयों में भी कर्मियों की उपस्थिति ज्यादा दिखी. ठंड में लोगों का प्रतीक बन चुकी टोपी मंगलवार को कम दिखी. खूब हुई कपड़ों की धुलाईठंड व शीतलहर के बीच निकली धूप का उपयोग लोगों ने अपने-अपने तरीके से किया. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने घरों में रखे मैले हो चुके कपड़ों की सफाई की. शहर की छतों पर दिन भर लोगों के कपड़े सूखते रहे. धूप ने दी गरम कपड़ों से आजादीकनकनी वाली ठंड के बाद निकली धूप ने घरों में कंबल के अंदर कैद बुर्जुगों व बच्चों को राहत प्रदान की है. धूप निकलने के बाद बच्चे घरों की छत व गलियों में खेलते रहे, वहीं बुजुर्गो ने भी धूप का भरपुर सेवन किया. बुजुर्ग डॉ एलएन झा ने बताया की प्रकृति प्रदत ठंड को कम करने के लिए कृत्रिम साधन नाकाफी साबित हो रहा था. उन्होंने कहा कि धूप की गरमी शरीर को स्फूर्त बनाती है. मेले की भी बढ़ गयी रौनक रक्तकाली मेले के लिए भी मंगलवार की धूप कारगर साबित हुई. धूप निकलने के बाद शहरी व ग्रामीण लोग सीधे मेले का रुख करने लगे. मेला समिति के कुमार हीरा प्रभाकर ने बताया कि धूप की वजह से दोपहर पूर्व से ही परिसर में लोगों की भीड़ लगने लगी है. फोटो-धूप 6- धूप निकलते ही रक्तकाली मेले में बढ़ने लगी भीड़
दिन में धूप, शाम होते ही कांपने लगता शरीर
दिन में धूप, शाम होते ही कांपने लगता शरीर दिन के उजाले में बाहर का काम निपटा कर लौट आते हैं लोगप्रतिनिधि, सहरसा नगर सर्दी की सुबह बह रही तेज व बर्फीली हवाओं के बीच रोजाना भगवान भास्कर के दर्शन होने से लोगों की जीवन शैली मौसम के साथ चल रही है. मंगलवार को दिन […]
