सहरसा : नगरजिले भर की पुलिस आईटीपीबी जवान बबलू खां की हत्या के बाद से मुख्य आरोपी पड़री पंचायत के मुखिया रुपेश खां की तलाश कर रही है. इसके बावजूद पुलिस की विशेष टीम को मुखिया लगातार चकमा देकर स्थान बदल रहा है. ज्ञात हो कि मृतक बबलू की हत्या से पूर्व बरियाही बाजार से मुखिया व उसके सहयोगियों ने अपहरण कर लिया था.
जिसके बाद आईटीबीपी जवान को जख्मी हालत में पंचायत के हनुमान बाग के समीप बरामद किया गया था. जिसके बाद इलाज के क्रम में तीन घंटे बाद बबलू की मौत हो गयी थी. मृतक की पत्नी ने मुखिया सहित सात लोगों के विरूद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें चार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
वहीं मुख्य आरोपी रुपेश खां अब भी कानून की पकड़ से बाहर है. कानून कर रही है अपना कामपुलिस द्वारा मुखिया की गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट से इश्तिहार वारंट भी जारी कर दिया गया है. कोर्ट से कुर्की जब्ती आदेश मिलने की प्रतिक्षा की जा रही है. इसके पूर्व तत्कालीन बनगांव थानाध्यक्ष को भी लाइन हाजिर करने के बाद निलंबित किया जा चुका है.
एसपी के निर्देश पर विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी है. परिवार की कौन करेगा फिक्रमृतक बबलू के घर में बुढ़ी मां के अलावा पत्नी व बहन है. इसके अलावा मासूम पुत्री व नवजात पुत्र है. जिसके भविष्य को लेकर परिजनों की चिंता किसी से छूपी हुई नहीं है.
ज्ञात हो कि पिता की मौत के बाद बबलू ही परिवार का सहारा था. ग्रामीणों में कायम है आक्रोशगांव के सपूत का असमय दूनियां से चला जाना ग्रामीणों को काफी खटक रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि मुखिया की दरिंदगी से पंचायत के लोग पीडि़त है.
ग्रामीणों ने बताया कि असामाजिक तत्वों का विरोध करने के लिए सभी लोग पीडि़त परिवार के साथ है.
