तिलकुट व शक्कर के सहारे ठंड को मिल रही चुनौती

सहरसा नगर : मकर संक्रांति से माह भर पूर्व स्थानीय बाजार में तिलकुट की दुकान सर्दी के ठिठुरन में गरमी का अहसास कराने लगी है. गया व कोलकाता में बनने वाले मशहूर तिलकुट का स्वाद स्थानीय लोगों को चखाने के लिए वहां के ट्रेंड कारीगरों द्वारा बना तिलकुट यहां उपलब्ध है. इसमें अन्य तिलकुटों की […]

सहरसा नगर : मकर संक्रांति से माह भर पूर्व स्थानीय बाजार में तिलकुट की दुकान सर्दी के ठिठुरन में गरमी का अहसास कराने लगी है. गया व कोलकाता में बनने वाले मशहूर तिलकुट का स्वाद स्थानीय लोगों को चखाने के लिए वहां के ट्रेंड कारीगरों द्वारा बना तिलकुट यहां उपलब्ध है. इसमें अन्य तिलकुटों की अपेक्षा तिल पापरी, अनारकली व रामकटोरी तिलकुट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

खजूर तिलकुट के भी कद्रदान

तिलकुट की दुकानों पर अनार कली व रामकटोरी के नाम को सुनना आम बात हो गयी है. ग्राहकों की पसंद के कारण खास्ता क्वालिटी में बने तिलकुट का यह ब्रांड प्रसिद्ध हो गया है. शंकर चौक के तिलकुट विक्रेता प्रशांत कुमार बताते हैं कि इसके अलावा कोलकाता से आने वाले खजूर शक्कर तिलकुट के भी पसंद करने वालों की संख्या कम नहीं हैं.
50 रुपये किलो है शक्कर
स्थानीय दहलान चौक का नजारा सर्दी के दिनों में गुड़ मंडी की तरह दिखने लगता है. जिले भर से लोग गुड़ (शक्कर) की खरीदारी के लिए दहलान चौक का ही रूख करते हैं.विक्रेता दिलखुश बताता है कि बेंगहा निर्मित शक्कर 40-50 रुपये किलो तक उपलब्ध है. वही राब शक्कर 35 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है.
यूपी वाला गमला व बाल्टी
स्थानीय बाजार में बेंगहा निर्मित शक्कर के अलावा यूपी ब्रांड शक्कर भी मिल रहा है. स्थानीय दुकानदार बताते हैं कि यूपी का शक्कर बाजार में सीधे पहुंचने की जगह पर गुलाबबाग व बिहारीगंज मंडी से पहुंच रहा है. यूपी में बना शक्कर गमला व बाल्टी के आकार में पैक रहता है.

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