वीडियो से खेती करना सीख रहे किसान

वीडियो से खेती करना सीख रहे किसानकिसानों को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग द्वारा बताये जा रहे नये अनुसंधानदेश में ही नहीं विदेशों में भी सराहे जा रहे बीएयू में बने फिल्मअब तक 17 फिल्म किये जा चुके हैं अपलोडजल्द ही दूरदर्शन पर नियमित प्रसारण की हो रही तैयारी विकास सिन्हा, भागलपुरबिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे […]

वीडियो से खेती करना सीख रहे किसानकिसानों को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग द्वारा बताये जा रहे नये अनुसंधानदेश में ही नहीं विदेशों में भी सराहे जा रहे बीएयू में बने फिल्मअब तक 17 फिल्म किये जा चुके हैं अपलोडजल्द ही दूरदर्शन पर नियमित प्रसारण की हो रही तैयारी विकास सिन्हा, भागलपुरबिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे नये अनुसंधान किसानों को वीडियो कॉनफ्रेंसिंग द्वारा बताया जा रहा है. बीएयू बिहार का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय बन चुका है, जहां के वीडियो व यू ट्यूब वीडियो देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में खूब सराहे जा रहे हैं. नये अनुसंधान से किसानों को लाभ भी पहुंच रहा है. विवि के कृषि विज्ञान केंद्र से किसान प्रशिक्षित किये जा रहे हैं.18 केवीके द्वारा किया जा रहा अपडेटकेंद्र के कृषि वैज्ञानिक सह प्रसार निदेशक डॉ आरके सुहानी के अनुसार पूरे प्रदेश में वर्ष 2015-16 में 18 किसान विकास केंद्र(केवीके) द्वारा किसानों को वीडियो काॅनफ्रेंसिंग के माध्यम से अपडेट किया जा रहा है. अब तक किसानों को 332 प्रशिक्षण दिये जा चुके हैं. इसमें करीब 7360 से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षित किया गया है. इन किसानों को कृषि के क्षेत्र में अनुसंधानिक खेती के संबंध में बताया गया है.332 सत्रों में 7360 किसानों को किया गया प्रशिक्षितकटिहार के केवीके में 30 सत्र प्रशिक्षण केंद्र बुलाये गये, इसमें 690 किसान, नालंदा के हरनौत में 26 सत्र में 598 किसान, सहरसा के 30 सत्रों में 629, औरंगाबाद के 29 सत्रों में 667, अररिया के 30 सत्रों में 630 किसान, अरवल के 03 सत्रों में 72, बांका के 30 सत्रों में 690, सबौर के 6 में 26, गया के 31 में 746, लखीसराय के 6 में 141, मुंगेर के 30 सत्रों में 602, पटना के 28 में 216, पूर्णिया के 29 में 638, रोहतास के 5 में 98, शेखपुरा के 7 में 64, सुपौल के 5 में 20 किसानों को प्रशिक्षित किया गया. इस तरह 332 सत्रों में 7360 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया.खाड़ी देशों में देखे जा रहे हैं यू ट्यूब वीडियोबिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के लिए बनाये गये यू ट्यूब वीडियो को विदेशों में भी सराहा जा रहा है. यू ट्यूब पर बकरी पालन व पॉल्ट्री पर बनी फिल्म देखी जा रही है. अब तक 17 फिल्म यूट्यूब पर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपलोड किया गया है. इसमें पॉल्ट्री, बकरी पालन, बिहार में स्ट्राॅबेरी की खेती, धान को प्रमुख कीटों से क्षति और बीमारियों से बचाव सहित अन्य फिल्मों के अलावा तोरी और मसूर की खेती पर बनी फिल्म शामिल है. बीएयू द्वारा बनायी गयी प्रशिक्षण व अनुसंधान फिल्म को अब तक लगभग 178 देशों में 1 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है. भारत में 69,390 , सउदी अरब में 8420, सउदी अरब अमीरात में 4447, मुर्गी पालन का यूटयूब 40,552 लोगों ने देखा है. बीएयू द्वारा पॉल्ट्री फार्म पर बनी फिल्म को सबसे ज्यादा लोगों ने देखा है. सबसे अधिक 31498 मिनट सिर्फ पाॅल्ट्री पर बनी फिल्म को लोगों ने देखा है. इसके अलावा अनुसंधान व फसलों पर बनायी गयी फिल्म की सीडी भी दो हजार से अधिक बिक चुकी है. विश्वविद्यालय के 10 एपीसोड को ट्रायल के लिए दूरदर्शन पर भी प्रसारित किया गया है. अब यू ट्यूब पर फिल्मों के दिखाने से राजस्व की प्राप्ति भी हो रही है. पिछले दिनों यू ट्यूब से विश्वविद्यालय को 156.20 डॉलर आमद भी हुई. विश्वविद्यालय दूरदर्शन के साथ जल्द ही नियमित प्रसारण की तैयारी कर रहा है.

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