मजदूरी या घर का काम, शक्षिा का न जानें नाम

मजदूरी या घर का काम, शिक्षा का न जानें नामसहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत में कार्यरत है अस्थायी सफाईकर्मी महेंद्र मल्लिक. इसी परिसर में बीआरसी कार्यालय के ठीक सामने इनका मट्टी व खपरैल का घर है. बच्चे घर की पुताई के लिए मिट्टी ढोकर ला रहे हैं. इनके बच्चों का शिक्षा से कोई […]

मजदूरी या घर का काम, शिक्षा का न जानें नामसहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत में कार्यरत है अस्थायी सफाईकर्मी महेंद्र मल्लिक. इसी परिसर में बीआरसी कार्यालय के ठीक सामने इनका मट्टी व खपरैल का घर है. बच्चे घर की पुताई के लिए मिट्टी ढोकर ला रहे हैं. इनके बच्चों का शिक्षा से कोई सरोकार नहीं है. आशा है किसी अधिकारी, समाजसेवी का जनप्रतिनिधि का ध्यान इस अोर जायेगा. फोटो । अजय कुमार

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