सहरसा: शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि में प्रवेश करते ही सभी पूजा-पंडालों के पट मां दुर्गा के दर्शन के लिए खोल दिये गये. शनिवार की सुबह से ही सभी पूजा-पंडालों व मंदिरों में देवी के महागौरी के रूप की विशेष पूजा-अर्चना के लिए महिला सहित श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. महिलाओं ने पूरा दिन निराहार रह कर मां दुर्गा का खोंइछा भरा. सकाम व निष्काम भाव से माता की पूजा-पाठ कर रहे भक्तगणों के चेहरे पर अष्टमी से ही रौनक दिखने लगी है.
आश्विन मास की प्रतिपदा से सकाम व निष्काम भावना से माता दुर्गा की आराधना कर रहे भक्तों के चेहरे पर शनिवार अष्टमी तिथि को खुशी देखते ही बन रही है. अष्टमी व नवमी तिथि को माता की विशेष पूजा का विधान है. शा जानकारों का कहना है कि पूजा व पाठ के फल का यही दिन होता है. जानकार बताते हैं कि माता अपने भक्तों की सेवा भावना से प्रसन्न होकर अष्टमी व नवमी तिथि को उन पर विशेष कृपा बरसाती हैं. ऐसा मानना है कि सकाम व निष्काम भावना से की गयी मां की आराधना का फल माता के नौवें सिद्धिदात्री रूप से मिलना शुरू हो जाता है. आज देवी के नौंवे रूप सिद्धिदात्री की पूजा की जायेगी.
