दो कॉलेजों में छात्रों ने कॉपी फाड़ कर किया परीक्षा का बहिष्कार
एमएलटी कॉलेज के परीक्षा हॉल में प्रवेश कर छात्रों ने मचाया उत्पात
चार अक्तूबर को ली जायेगी रद्द हुई परीक्षा
सहरसा: गुरुवार को बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर्गत पार्ट टू की परीक्षा के दौरान प्रथम पाली परीक्षा में समाजशास्त्र सब्सिडियरी विषय में आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने से छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर कॉपियां फाड़ दी. साथ ही दो कॉलेज में हंगामा करते महिला कॉलेज में प्रदर्शन किया. गुरुवार को आयोजित पार्ट टू की परीक्षा के प्रथम पाली में समाजशास्त्र सब्सिडियरी के छात्र परीक्षा देने अपने-अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचे. प्रश्न पत्र वितरित किये जाने के बाद छात्र आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न को देख उग्र हो गये और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ परीक्षा का बहिष्कार कर विरोध जताना शुरू कर दिया. स्थानीय आरएम कॉलेज में परीक्षा दे रहे छात्र इस मुद्दे को लेकर काफी उग्र हो गये. उनलोगों ने परीक्षा हॉल से निकल कर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया. फिर स्थानीय एमएलटी कॉलेज व रमेश महिला कॉलेज में सुचारु रूप से चल रहे परीक्षा केंद्र पर आरएम कॉलेज से आये छात्रों का हुजूम पहुंचा. वहां छात्र-छात्रओं की कॉपी फाड़ते परीक्षा को कैंसिल करने की मांग करने लगे. गुस्साये परीक्षार्थियों ने एमएलटी कॉलेज में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते प्राचार्य के कक्ष तक पहुंच गये. फिर परीक्षा दे रहे छात्र-छात्रओं के बीच पुलिस को धक्का मुक्की देते पहुंच गये और कॉपी फाड़ना शुरू कर दिया. एमएलटी कॉलेज में परीक्षा दे रहे छात्र-छात्रएं अचानक हॉल में प्रवेश कर उपद्रव मचाने से काफी डर और सहम गये. इस दौरान परीक्षार्थी व पुलिस के बीच नोंक झोंक व हाथापाई की भी घटना हुई. पुलिस द्वारा एक छात्र को अपने कब्जे में लिए जाने के बाद उग्र छात्र पुलिस पर टूट पड़े और पिटाई कर दी. कॉलेज प्रशासन व एमएलटी कॉलेज के प्राचार्य राजीव कुमार सिन्हा द्वारा परीक्षा रद्द किये जाने की घोषणा के बाद उग्र छात्र शांत हुए. यहां से उग्र छात्रों की टोली रमेश झा महिला कॉलेज पहुंची. वहां भी परीक्षा रद्द करने की मांग करते परीक्षार्थियों को बहार निकालने की मांग करने लगे. सदर थानाध्यक्ष चंदन कुमार व प्राचार्य रविंद्र कुमार ने छात्रों को समझाये व परीक्षा रद्द करने की जानकारी दी. इसके लिए छात्र शांत हुए. छात्रों ने सेंटर पर उपस्थिति पत्रक को भी फाड़ दिया. छात्रों ने आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर कॉलेज प्रशासन व विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेवार बताया है.
