कार्य जारी, छत से टपकने लगा पानी

घैलाढ़ (मधेपुरा): प्रखंड मुख्यालय परिसर में बन रहे किसान भवन में अभिकर्ता द्वारा भारी अनियमितता बरते जाने की शिकायत सामने आई है. मंथर गति से हो रहे निर्माण कार्य के प्रति जहां स्थानीय लोगों ने नाराजगी प्रकट की वहीं साल भर पहले बने किसान भवन की छत से पानी का रिसाव होने से क्षेत्र के […]

घैलाढ़ (मधेपुरा): प्रखंड मुख्यालय परिसर में बन रहे किसान भवन में अभिकर्ता द्वारा भारी अनियमितता बरते जाने की शिकायत सामने आई है. मंथर गति से हो रहे निर्माण कार्य के प्रति जहां स्थानीय लोगों ने नाराजगी प्रकट की वहीं साल भर पहले बने किसान भवन की छत से पानी का रिसाव होने से क्षेत्र के किसानों को बरसात के दिनों प्रशिक्षण लेने में परेशानी होती है. यहां तक कि कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा भी मामले को गंभीरता से उठाया गया लेकिन बावजूद इसके कार्य प्रणाली में सुधार नहीं लाया जा रहा है. लगभग 50 लाख की लागत से बन रहे किसान भवन की एक मंजिल की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन अनियमितता व गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं के कारण छत से बरसाती पानी का रिसाव हो रहा है. जिससे भवन में पानी का जमावड़ा हो जाता है. खास कर बरसात के दिनों यह भवन आमजनों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है. बारिश होने की स्थिति में लोग बाहर तो छाता का प्रयोग करते ही हैं लेकिन इस भवन के छत तले भी इन्हें छाते का प्रयोग करना पड़ता है.

ग्रामीण हैं आक्रोशित

19 सितंबर को प्रखंड क्षेत्र में हो रहे कार्यो का निरीक्षण करने आये जिलाधिकारी गोपाल मीणा ने भी भवन निर्माण पर असंतुष्टि जतायी है. इस मौके पर उन्होंने हिदायत देते हुए दो दिनों के अंदर कार्य शुरू कर का आदेश दिया था, कार्य की शुरूआत नहीं होने पर राशि वसूले जाने की भी बात कही थी. लोगों का कहना है कि प्रखंड कार्यालय परिसर में बन रहे किसान भवन की दुर्दशा जगजाहिर हो चुकी है. पहली मंजिल की छत से रिसाव हो रहा है और अब दूसरी मंजिल का कार्य प्रगति पर है. यदि कार्य के दरम्यान सख्ती नहीं बरती गयी तो दूसरी मंजिल का भी वही हश्र होगा.

गुणवत्ता की जांच नहीं

बता दें कि पहली मंजिल का निर्माण कार्य अभियंता हनुमान यादव के कार्यकाल में हुआ था जिसके गुणवत्ता की जांच नहीं किये जाने का नतीजा रहा कि साल भर पहले बनी छत से रिसाव होने लगा. बरसात के दिनों छत से रिसाव होने के कारण किसानों को प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए अधिकारियों को विकल्प तलाशना पड़ता है. वहीं इस बारे बीडीओ से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह जिला मुख्यालय से संबंधित निर्माण कार्य है और इस संबंध में वो कुछ नहीं कर सकते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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