जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार का कोई साधन ही नहीं है. जिससे कैदियों का त्वरित उपचार किया जा सके. जेल परिसर के अंदर बिजली का 40 वर्षो से वायरिंग नहीं हुआ है. जिससे शॉर्ट सर्किट लगने का डर कैदियों में हमेशा बना रहता है. पीएचइडी द्वारा लगाया गया चापाकल खराब पड़ा है. जबकि पानी सप्लाई भी नहीं हो रही है. मंडल कारा में पूर्व सांसद आनंद मोहन सहित 38 बंदियों का अनशन करने संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है.
पूर्व सांसद आनंद मोहन ने शुरू किया अनशन
सहरसा: जेल की मूलभूत समस्याओं को लेकर बंदियों ने रविवार को पूर्व सांसद आनंद मोहन के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है. अनशन के पहले दिन पूर्व सांसद के समर्थन में तीन दर्जन बंदियों ने अपनी सहमति दी है. अनशन पर बैठे बंदियों ने सुबह का नाश्ता सहित भोजन लेने से इंकार कर […]

सहरसा: जेल की मूलभूत समस्याओं को लेकर बंदियों ने रविवार को पूर्व सांसद आनंद मोहन के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है. अनशन के पहले दिन पूर्व सांसद के समर्थन में तीन दर्जन बंदियों ने अपनी सहमति दी है. अनशन पर बैठे बंदियों ने सुबह का नाश्ता सहित भोजन लेने से इंकार कर दिया.
क्या है मुख्य मांग
मूलभूत समस्याओं में शौचालय की मरम्मती, टूटे पड़े शौचालय के टैंकों की मरम्मती, सभी खिड़की व दरवाजों के पल्ले नहीं रहने से गरमी, बारिश व ठंड में बंदियों को हो रही परेशानी. जिसके कारण कैदी हमेशा बीमार पड़ते हैं. कैदियों के इलाज के लिए जेल परिसर के अंदर जो जेल अस्पताल है, वह खुद बीमार है. जेल अस्पताल के अंदर मरम्मती एवं आधुनिकीकरण की कमी है. जेल अस्पताल में ना ही जांच की सुविधा है न ही एक्सरे मशीन है और न ही दवा को सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज है.
अनिल कुमार पांडेय, जेल अधीक्षक.
पूर्व में मिला था आश्वासन
इन मांगों को लेकर 13 मार्च को एसडीओ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में वार्ता भी हुई थी. जिसके बाद राशि आवंटित करने के बाद भी कार्य पूरा नहीं किया गया. कैदियों की मांग है कि नये जेल मैन्युअल के अनुसार जो भी प्रदत्त सुविधाएं है, वह कैदियों को मिले. जबकि यह बातें सभी उच्चधिकारी के सामने समझौते के तौर पर साफ साफ कहा गया था कि जेल की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो.