सहरसा: रविवार को शहर स्थित मंडल कारा में होली मिलन समारोह पूरी सादगी और शालीनता के साथ समारोह पूर्वक मनाया गया. समारोह का उद्घाटन अनुमंडलाधिकारी राजेश कुमार सिंह, एसडीपीओ प्रेम सागर, डॉ राम नरेश सिंह, बीएनएमयू हिंदी के विभागाध्यक्ष प्रो विजय कुमार चौधरी एवं काराधीक्षक अनिल कुमार पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
समारोह को संबोधित करते मुख्य अतिथि राजेश कुमार सिंह ने कहा कि जेल आने वाला हर व्यक्ति अपराधी नहीं होता और बाहर रहने वाले सभी व्यक्ति संत नहीं होते. अपराध अच्छाई और बुराई की मनोवृत्ति है. क्षणिक आवेश में छोटी बड़ी घटना कर लोग जेल चले जाते हैं और वर्षो प्रायश्चित करते हैं.
प्रायश्चित से बड़ी सजा नहीं
कहते हैं प्रायश्चित से बड़ी कोई सजा नहीं होती. यह जगह सोचने, समझने और सुधरने का है. इसलिए इसका नाम सुधार गृह पड़ा है. उन्होंने कहा मंडल कारा में चल रहे सकारात्मक गतिविधियों से मैं अभिभूत हूं. पुलिस उपाधीक्षक श्री सागर ने कहा कि यहां कुछ प्रतिशत लोग ही पेशेवर अपराधी हैं. बाकी क्षणिक आवेशजनक अपराध है. उन्होंने कहा कि आपसे उम्मीद है कि इसी तरह खुद को बदले और समाज की मुख्य धारा से जुड़े. उन्होंने जेल में चल रहे योग, जिम, पुस्तकालय, इग्नू पाठ्यक्रम के साथ-साथ साहित्यों एवं संगोष्ठियों की प्रशंसा की. इस मौके पर आयोजित हास्य कवि सम्मेलन को डॉ रामनरेश सिंह, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता अनिल कुमार झा, प्रो विनय कुमार चौधरी, कवि केदारनाथ गुप्ता, दशरथ सिंह कुलीश, प्रो अरविंद नीरज, अशोक चेतन, एमजेड खान झंझट, युवा साहित्यकार हर्षवर्धन राठौर, प्रो डीएन साह, अधिवक्ता शंभु गुप्ता, शिक्षक विजय कुमार झा, बुजुर्ग सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने संबोधित किया. डॉ विनय चौधरी एवं राठौर ने जहां अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी, आप नेता केजरीवाल, पूर्व सीएम लालू व जीतन राम मांझी, वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया. वही कवि केदारनाथ और ओम प्रकाश नारायण ने वर्तमान में व्याप्त भ्रष्टाचार, राजनीतिक परिवारवाद और अपराध पर प्रहार किया. पूर्व सांसद आनंद मोहन ने महिला दिवस पर अपनी नयी मार्मिक रचना होली की व्यथा/ कल रात सपनों में होलिका आयी के पाठ से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया.
दूसरी तरफ सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन प्रो योगेंद्र भारती और गायक संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ. श्री संजीव ने आनंद मोहन की पूर्व प्रकाशित रचना हुंकार और आरजू जहां को अपना स्वर दिया. वही फिल्मी कव्वाली परदा है परदा, लागा चुनरी में दाग के माध्यम से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. ओम प्रकाश नारायण के कुशल संचालन में संपन्न इस समारोह की अध्यक्षता काराधीक्षक एके पांडे ने की.
स्वागत भाषण पूर्व मुखिया अनिल कुमार यादव और आर्शीवचन अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य गोपाल झा ने दिया. समारोह को सफल बनाने में जेल उपाधीक्षक शैलेश कुमार सिन्हा, सहायक अधीक्षक विपिन कुमार सिंह, मुख्य कक्षपाल ओम प्रकाश मंडल, कक्षपाल श्रीकांत, बंदी उमेश दहलान, नूतन यादव, बिजली यादव, पूर्व मुखिया अजय सिंह, पंकज यादव, गरीब यादव, जितेंद्र मिश्र, श्याम पोद्दार, मो जिया उर्फ राजा, बलराम सिंह, उपेंद्र शर्मा, मंजेश राम, रामू सादा, संजय यादव, प्रो फहीम अहमद खान, बैजनाथ मुखिया, जोगी यादव, चुन्नू भगत, नागमणि, भरत, प्रदीप पासवान, अमरजीत यादव, सत्य नारायण यादव, भीषण यादव, बौआ यादव, सेंटू यादव एवं जालिम सिंह लगे रहे.
