* सीपीआइ कार्यकर्ताओं ने बढ़ते अपराध पर जतायी नाराजगी, एनएच पर दिया धरना
सिमरी बख्तियारपुर : बख्तियारपुर थाना के बेलवाड़ा गांव में एक दलित छात्र के साथ गैंगरेप कर हत्या, मोहनपुर गांव में भीषण डकैती की घटना में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी तथा जिले में गिरती विधि व्यवस्था के खिलाफ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीपीआइ के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सिमरी बख्तियारपुर–सहरसा एनएच 107 को बलवाहाट पुल के समीप करीब चार घंटे तक जाम कर आवागमन ठप कर दिया. यहीं बैठ सीपीआइ कार्यकर्ताओं ने धरना भी दिया.
इस कारण पुल के दोनों किनारे मोटरसाइकिल सहित अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गयी. यात्रियों को घोर कठिनाई का सामना करना पड़ा. जाम स्थल पर धरनार्थियों को संबोधित करते सीपीआइ के जिला सचिव ओमप्रकाश नारायण ने इन मुद्दों को लेकर आक्रोश पूर्ण लहजे में इसे पुलिस–अपराधी गठजोड़ का नतीजा बताते हुए कहा कि उपरोक्त दोनों घटना को करीब आठ महीने होने को है. लेकिन इतनी जघन्य घटना होने के बावजूद अब तक पुलिस वैज्ञानिक जांच में ही उलझी हुई है.
आश्चर्य की बात है कि जब आठ माह में जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है तो बलात्कारी हत्यारा को उद्भेदन कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया कितने वर्षो में पुलिस पूरा कर सकेगी. मोहनपुर गांव में शोभाकांत झा के घर भीषण डकैती एवं गंभीर रूप से कई को जख्मी कर देने की घटना में पुलिस एक दो अपराधियों को गिरफ्तार कर कान में तेल डाल सो गयी. उन्होंने हुंकार भरते हुए दावा किया कि डकैती मामले में पुलिस सही रूप से उदभेदन नहीं कर सकी है तो इसका कारण यह है कि पुलिस की हिम्मत नहीं हो रही है. जिले में हत्या, डकैती, बलात्कार, लूट, चोरी आदि की घटना में वृद्धि हो रही है.
पुलिस चैन की वंशी बजा रही है. श्री नारायण ने जिले की विधि व्यवस्था की बदतर स्थिति का उदाहरण पेश कर कहा कि आज की पुलिस रात में सोती है. जनता जागती है. जब जनता को रात भर जागना ही पड़े तो पुलिस का क्या काम है. भ्रष्ट सरकार ने सहरसा में बेशर्म पदाधिकारियों की फौज खड़ी की है, जिसे जनता के दुख दर्द से कोई सरोकार नहीं है. जिले में अपराधी रोज नयी–नयी घटना को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती पेश कर रही है.
धरनास्थल पर उपस्थित जनता के बीच आवाज आ रही थी कि मुद्दा उचित है. अपराध की घटना में पुलिस हमेशा सुस्त रहा करती है. जनता असुरक्षित है. धरनास्थल पर वक्ताओं ने उपरोक्त घटना पर विस्तृत रूप से चर्चा कर आक्रोश व्यक्त किया. श्री नारायण ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि सड़क जाम एवं धरना के माध्यम से प्रशासन को सक्रिय होने का संकेत दिया जा रहा है. यह तो अभी हमलोगों की अंगड़ाई है. न्याय के लिए लड़ाई बाकी है.
बाद में एसडीओ सुमन प्रसाद साह, डीएसपी सत्य नारायण कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर जेपी चौधरी, बीडीओ राजेश कुमार, ओपी अध्यक्ष अजीत कुमार आदि पुलिस कर्मी धरना स्थल पर पहुंच समझौता वार्ता प्रारंभ कर दी. श्री नारायण ने चार सूत्री मांगों के समर्थन में ज्ञापन देकर अपनी मांगों को राज्यपाल के पास भिजवाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया. एसडीओ एवं डीएसपी ने उपरोक्त दोनों घटना की जांच में प्रगति का दावा किया.
जांच रिपोर्ट आने पर पूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. धरना में मुख्य रूप से अंचलमंत्री अरुण कुमार सिंह, उमेश पोद्दार, विंदेश्वरी सहनी, रवींद्र सिंह, उमेश चौधरी, भवेश यादव, शंकर कुमार, शिबू राय, विजय कुमार यादव, सुदर्शन राय, राम शरण दास, सुरेंद्र कुमार, संजूला देवी आदि उपस्थित थे.
