पति की हालत देख पत्नी ने लगायी न्याय की गुहार, पुलिस पर दबंगई का आरोप

सहरसा: जिले के सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र के काशनगर ओपी पुलिस की दबंगई का एक मामला सामने आया है. जिसके शिकार बने कोपा सोनवर्षा निवासी बैजनाथ सिंह का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. पीड़ित की पत्नी ममता कुमारी ने पुलिस पर दबंगई का आरोप लगाते वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगायी है. पीड़ित […]

सहरसा: जिले के सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र के काशनगर ओपी पुलिस की दबंगई का एक मामला सामने आया है. जिसके शिकार बने कोपा सोनवर्षा निवासी बैजनाथ सिंह का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. पीड़ित की पत्नी ममता कुमारी ने पुलिस पर दबंगई का आरोप लगाते वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगायी है.

पीड़ित सदर अस्पताल के एक बेड पर बेहोश पड़ा है. होश आने पर चोट की दर्द से कराह कर पुन: बेहोश हो जाता है. जख्मी के बगल में बैठी उसकी पत्नी अपने पति की हालत देख अपने आंख से आंसू को रोक नहीं पाती है. उसे पुलिस को कोसने की बजाय कुछ समझ में नहीं आता है. वह बस आने-जाने वाले लोगों से न्याय दिलाने की मांग करती है. पुलिस के रौब को सामने से देख चुकी ममता अभी भी उस स्थिति को याद कर सिहर उठती है.

एंबुलेंस चालक ने वसूली रकम : सोनवर्षा पीएचसी में चिकित्सक द्वारा सदर अस्पताल रेफर किये जाने पर व मरीज की स्थिति को देख परिजनों ने एंबुलेंस की खोज शुरू की. परिसर में सरकारी एंबुलेंस होने के बावजूद वह सहरसा जाने के लिए तैयार नहीं हुआ. पीड़ित ममता ने बताया कि काफी आरजू मिन्नत के बाद साढ़े चार सौ रुपया लेकर वह आने के लिए तैयार हुआ. उन्होंने बताया कि बिना पैसा लिए एंबुलेंस चालक आने को तैयार नहीं हुआ.

क्या कहते हैं ओपी प्रभारी : इस बाबत पूछे जाने पर ओपी प्रभारी जितेंद्र चौधरी ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है. संध्या गश्ती में एएसआई अमरनाथ सिंह थे. गश्ती के दौरान मोरा चौक के समीप एक बाइक सड़क किनारे खड़ी थी. बाइक के बाबत पूछताछ में बैजनाथ सिंह शराब के नशे में धुत होकर आया और उसकी बाइक होने की बात कही. बाइक का कागज मांगने पर वह पुलिस कर्मियों से बकझक करने लगा. इसी दौरान वह सड़क पर गिर गया. जिसमें उसको चोट आयी है. पुलिस जीप से ही उसे पीएचसी भेजा गया था.

क्या है मामला

जख्मी की पत्नी ममता ने बताया कि पति के साथ वह व पुत्र दुर्गेश कुमारअपने संबंधी मौरा चौक निवासी बालेश्वर शर्मा के घर गयी थी. रात में लगभग आठ बजे खाना खाकर सभी वापस घर जा रहे थे. हमलोगों के आगे हमारे ही गांव का पवन रजक बाइक से जा रहा था. कुछ दूर आगे जाने के बाद पुलिस ने पवन रजक को रोक दिया. जब हमलोग वहां पहुंचे तो देखा कि पवन वहां रूका था. पूछने पर बताया कि मेरी गाड़ी पकड़ ली है. इसी बात पर मेरे पति बाइक से उतर कर पुलिस से पूछा कि गाड़ी क्यों पकड़े है. उनलोगों ने बताया कि गाड़ी में कागज नहीं है. जिस पर इन्होंने कहा कि गाड़ी थाना भेजवा कर चलान दे दीजिए. इतनी बात सुनते ही सभी आग बबूला होकर मारपीट करने लगा. राइफल का कुंदे सिर पर लगने से वह छटपटाने लगा. पति को छटपटाते देख वही लोग जीप पर लाद कर ओपी ले गया. हमलोग पीछे से पहुंचे तो देखा कि एक चौकी पर वह कराह रहा है. हो-हल्ला करने पर पुलिस जीप से सोनवर्षा पीएचसी लाया. जहां चिकित्सक ने बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. पीड़ित की पत्नी ने ओपी पुलिस पर जूता, मोबाइल व चार सौ रुपया रख लेने का भी आरोप लगाया है.

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