सहरसा : बीते एक साल में उतनी मोमबत्ती नहीं बिकी, जितनी रविवार की शाम दो घंटे के अंदर बिक गयी. दुकानदारों के अनुसार लगभग प्रत्येक घर में एक अदद से एक पैकेट मोमबत्ती की खरीदारी हुई. बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण दीपावली जैसे त्योहार में भी चायनिज लड़ी सहित उन्य बिजली संचालित उपकरणों का ही बोलबाला रहा. मोमबत्ती की बिक्री का यह आंकड़ा दिवाली की बिक्री को भी पार गया. रविवार की शाम पांच से सात बजे तक लाखों रुपये की मोमबत्तियां बिकी व घर-घर को रोशन करती रही.
अफसर को दिखानीहै बेहतर स्थिति
मंगलवार को बिजली विभाग के सीएमडी, एमडी, चीफ इंजीनियर व अन्य वरीय अधिकारियों का सहरसा आगमन क्या तय हुआ. पूरे विभाग ने दो दिनों में शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की तस्वीर बदल देने का प्रण ले लिया दिख रहा है. आनन-फानन में बिजली के खंभे गाड़े जा रहे हैं. उस पर प्लास्टिक कवर्ड तार चढ़ाया जा रहा है.
बीते पांच दिनों से सुबह काम-काज का वक्त शुरू होते ही काम के नाम पर एक साथ कई इलाकों की बिजली काट ली जा रही है. शाम में वापस बत्ती जला दी जा रही है. लेकिन रविवार की सुबह तकरीबन दस बजे काटी गई बिजली देर रात साढ़े दस बजे वापस आई. न्यू कॉलोनी, गांधी पथ, नया बाजार, डीबी रोड सहित शहरी क्षेत्र के अन्य इलाकों में सुबह से देर रात तक बिजली नदारद रही. दिन भर बिजली के गुल रहने के कारण अधिकतर लोगों के घर का इंवर्टर जबाब दे गया. बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण लोगों ने पहले ही लालटेन व लैंप को घर से विदा कर दिया है.
इधर रविवार को शाम होते ही घरों में अंधेरा काबिज होने लगा और लोग आस-पास के परचून दुकानों पर मोमबत्ती खरीदने निकल पड़े. गांधी पथ के दुकानदार गणपत साह ने बताया कि मोमबत्ती की बिक्री लगभग समाप्त ही हो गई थी. मोमबत्ती के दिन फिरेंगे, ऐसी उम्मीद नहीं थी. लेकिन रविवार को वर्षो से पड़ी सारी मोमबत्ती बिक गयी.
