सत्तरकटैया : रविवार को सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग के रहुआ चौक के समीप सड़क हादसे में एक आशा कार्यकर्ता की मौत हो गयी. बताया जाता है कि आशा एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने अस्पताल ले जा रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिहरा पटोरी से सहरसा की ओर जा रही ऑटो पर पंचगछिया नरैय टोला के ब्रह्मदेव शर्मा की 36 वर्षीय पत्नी आशा दुर्गा देवी सवार थी.
किनारे पर बैठी होने के कारण मोड़ पर उनका हाथ टेंपो से छूट गया और रहुआ चौक के समीप टेंपो से नीचे गिर गयी और पीछे से सहरसा की ओर जा रही एक बस ने कुचल दिया, जिससे आशा की मौत घटना स्थल पर ही हो गयी. उसकी मौत को देख टेंपो और बस चालक सवारियों से लदी गाड़ी लेकर भागने में सफल रहे.
इधर घटना के बाद स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने बताया कि दो साल में यहां आठ लोगों की मौत हो चुकी है. मौत का कारण वाहनों का बेहिसाब तेज चलना है. घटना की जानकारी मिलते ही बिहरा थानाध्यक्ष मो मकसूद अशरफी व सब इंस्पेक्टर सुबोध यादव पुलिस बलों के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना में संलिप्त वाहनों का पता लगाया जा रहा है.
इधर प्रखंड क्षेत्र के आशा कार्यकर्ताओं ने मृतक आशा की बहू को आशा के पद पर बहाल करने तथा पांच लाख रुपये मुआवजे देने की मांग की है. आशा की मौत से उसके परिजनों में मातम है. शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया है.
