केदारनाथ जल प्रलय से बच निकले सहरसा के 5 श्रद्धालु

सहरसा : केदारनाथ दर्शन के लिए गये पतरघट प्रखंड के पस्तपार गांव निवासी तीन श्रद्धालु (कार्तिक प्रसाद सिंह, शिव नंदन साह व गरीब साह) रविवार को सकुशल घर लौट आये. उन्होंने बादल फटने के बाद आयी जल प्रलय को काफी करीब से देखा. जनसेवा एक्सप्रेस से सहरसा स्टेशन पहुंचते ही अपने बेटे व पोते-पोतियों को […]

सहरसा : केदारनाथ दर्शन के लिए गये पतरघट प्रखंड के पस्तपार गांव निवासी तीन श्रद्धालु (कार्तिक प्रसाद सिंह, शिव नंदन साह व गरीब साह) रविवार को सकुशल घर लौट आये. उन्होंने बादल फटने के बाद आयी जल प्रलय को काफी करीब से देखा. जनसेवा एक्सप्रेस से सहरसा स्टेशन पहुंचते ही अपने बेटे व पोते-पोतियों को देख वे फफक-फफक कर रोने लगे. उन्हें खुद के जिंदा बचने का अभी तक यकीन नहीं हो रहा था. इनके अलावा सौर बाजार के राजेश कुमार व उनकी चाची नंदिनी देवी भी सुरक्षित अपने घर पहुंच गयी हैं.

श्रद्धालु कार्तिक प्रसाद सिंह ने कहा कि 17 जून को केदारनाथ से पूजा कर लौटने के दौरान गौरीकुंड पहुंचने पर उन्होंने बादल फटने की खबर सुनी. जान बचाने के लिए वे अपने साथियों के साथ पहाड़ पर चढ़ गये. तीन दिनों तक एक आंगनबाड़ी केंद्र में भूखे-प्यासे रहना पड़ा.

दिल्ली से आये श्रद्धालुओं की गाड़ी से मुंह मांगी रकम चुका कर वे और उनके दो साथी ऋषिकेश पहुंचे. साथ गये श्रद्धालुओं को भी खोजा पर उनका कहीं कोई अता-पता नहीं चला. अंत में वेलोग ऋषिकेश से जनसेवा एक्सप्रेस में सवार होकर सहरसा पहुंचे.

* सुनायी आंखों देखी
शिवनंदन साह ने कहा कि भगवान का शुक्र है जो वे लोग मौत के मुंह से बच निकले. उन्होंने बताया कि जिस कमरे में वेलोग ठहरे थे अगर वहां थोड़ी देर और रह जाते तो बच पाना नामुमकिन था. जल प्रलय में उन्होंने कई गाड़ियों को अपनी आंखों से बहते देखा. जब वे गौरीकुंड से जान बचा कर पहाड़ पर चढ़े, तो तीन दिनों तक भूखे प्यासे भटकते रहे. फाटा में मुंहमांगी कीमत देकर भोजन व पानी खरीदा.

* जनसेवा एक्सप्रेस से रविवार को पहुंचे घर
* बादल फटने के बाद के मंजर की सुनायी आंखें देखी
* कहा-ऊंची पहाड़ी पर जाकर बचायी जान
* तीन दिनों तक रहना पड़ा भूखे-प्यासे
* मुंहमांगा भाड़ा देकर पहुंचे ऋषिकेश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >