सहरसा : मुख्यालय स्थित प्रिज्म सीमेंट के गोदाम में हो रहे अवैध धंधे का खुलासा प्रभात खबर द्वारा किये गये स्टिंग ऑपरेशन में हुआ है. इसमें प्रिज्म ब्रांड के सीएनएफ (कैरिंग एंड फोरवार्डिग एजेंट) द्वारा खाली बोरी में नकली सीमेंट पैक कर मजबूती के नाम पर लोगों को ठगने का काम किया जा रहा है.
गुप्त कैमरे की पकड़ में आये गोदाम के कर्मी व मजदूरों ने बताया कि रोजाना 500 से हजार पैकेट नकली सीमेंट तैयार किया जाता है.
प्रभात खबर टीम द्वारा आम लोगों की जरूरत से जुड़े सीमेंट को लेकर स्टिंग ऑपरेशन चलाया गया. इसमें कई अन्य चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. गौरतलब है कि प्रिज्म कंपनी के सीएनएफ से हजारों पैकेट सीमेंट एकमुश्त रकम भुगतान कर विभिन्न निर्माण एजेंसी द्वारा खरीद की जाती है. ऐसे में जिले में बन रहे सड़क, पुल-पुलिया व मकानों की मजबूती के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है.
संचालक के निर्देश पर होता है सब : मुख्यालय स्थित कहरा ब्लॉक रोड में प्रिज्म सीमेंट लि का सीएनएफ कार्यालय स्थित है. यहां मौजूद संचालक के निर्देश पर सीमेंट का गोरखधंधा किया जाता है. उक्त कंपनी के गोदाम के आसपास दिन में लोगों की आवाजाही कम ही होती है. इस गोदाम में ब्रांडेड प्रिज्म सीमेंट की नयी बोरी में नकली सीमेंट व राख भरी जाती है. जिसको री-पैक करने के बाद बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है.
पैकेट सील लेकिन है खाली : प्रिज्म सीमेंट लि के सीएनएफ में कंपनी का ब्रांडेड पैकेट हजारों की तादाद में उपलब्ध है. इसके ऊपर कंपनी की पैकिंग भी की हुई है. लेकिन री-पैकिंग के लिए एक छोटा सा छेद छोड़ दिया जाता है. इसमें बड़े कीप की मदद से नकली सीमेंट को भरा जाता है. सीमेंट के इस काले कारोबार में कंपनी की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.
बोरी में राख व पत्थर का डस्ट : प्रिज्म सीमेंट की बोरी में राख व पत्थर के डस्ट को चलनी से चालने के बाद भरा जाता है. इस कार्य को रोजाना गोदाम में लगभग सौ से अधिक मजदूर बंद दरवाजा के अंदर अंजाम देते हैं. मजदूरों की माने तो स्थानीय पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को भी प्रिज्म सीमेंट लि के काले कारोबार की जानकारी है. लेकिन सब मैनेज है की तर्ज पर काम चल रहा है.
गिर जायेगा प्रिज्म से बना मकान! : मजबूत व टिकाऊ मकान आम इनसान का सपना होता है, इसके लिए लोग लगातार मेहनत भी करते हैं. लेकिन गृह निर्माण में प्रयुक्त किये जानेवाली सीमेंट की ब्रांडेड बोरी में राख की मिलावट हो जाय तो बुनियाद की मजबूती का अंदाजा लगाया जा सकता है. सीमेंट उत्पादन के बड़े ब्रांड द्वारा किये जा रहे कारोबार ने शहर के लाखों लोगों व संवेदकों की नींद उड़ा दी है, जिन्होंने प्रिज्म सीमेंट का उपयोग निर्माण कार्यो के लिए किया था.
खर्च कम, मुनाफा अधिक
कहरा ब्लॉक स्थित प्रिज्म सीमेंट के गोदाम में री-पैकिंग कर रहे मजदूरों ने बताया कि एक बोरी पैक करने में डस्ट सहित मजदूरी पर लगभग 35 रुपये का खर्च आता है. लेकिन बाजार में तीन सौ पचास रुपये की दर पर बोरी आसानी से ग्राहकों को बेच चूना लगाया जाता है.
गोदाम में नहीं हो रहा कोई काम
प्रिज्म सीमेंट लि के स्थानीय सीएनएफ के संचालक संजीव कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले उनके संज्ञान में यह बातें आयी थी. लेकिन अभी इस प्रकार का कोई काम कहरा ब्लॉक स्थित गोदाम में नहीं हो रहा है.
वहीं कंपनी के स्टेट मैनेजर से उनके कार्यालय के नंबर 0612-2219017 पर संपर्क किया गया तो उन्होंने सीएनएफ द्वारा किये जा रहे गोरखधंधे की बात को स्वीकार करने के बाद कंपनी द्वारा कार्रवाई किये जाने की बात कही. हालांकि उन्होंने अन्य कंपनियों के गोदाम में भी री-पैकिंग की बात कह फोन काट दिया.
