पतरघट : आजादी के दशकों बाद भी पतरघट ओपी एवं पस्तपार पुलिस शिविर को आज तक भी अपना भवन नसीब नहीं हो सका है. हालत ऐसी है कि आज भी कोसी प्रोजेक्ट के पुराने एवं जर्जर भवन के अलावे कोसी प्रोजेक्ट की जमीन में सामुदायिक भवन में थाना एवं पुलिस शिविर का काम संचालित किया जाता है.
जिससे पुलिस कर्मियों के अलावे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. क्योंकि सरकार ने जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए लाखों की लागत से जगह-जगह पर सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य कराया था. उसका लाभ आम लोगों के बजाय पुलिस कर्मियों द्वारा उठाया जा रहा है.
हालांकि यह दीगर है कि कानून के रखवाले को मजबूरीवश उसमें रहना पड़ रहा है. 11 पंचायत की लगभग दो लाख की आबादी वाले पतरघट ओपी एवं पस्तपार पुलिस शिविर के पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल व होमगार्ड के जवानों को आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं रहने के कारण भारी असुविधा होती है. परेशानी का सामना तब उन्हें करना पड़ता है जब कभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पस्तपार शिविर पर लाया जाता है.
उसे रात भर रखना ओपी प्रभारी के लिए सर का दर्द बन जाता है. शौचालय एवं हाजत विहीन शिविर में रात भर अभियुक्तों को किस प्रकार रखा जायेगा तथा मालखाना में जब्त सामानों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जायेगा, यह पस्तपार पुलिस के लिए गंभीर समस्या उत्पन्न कर देती है.
जबकि इसी मौके का फायदा उठाकर पस्तपार पुलिस शिविर से अब तक कई अभियुक्त चौकीदार की अभिरक्षा सें रात में पेशाब करने के बहाने भाग चुके हैं. बावजूद सरकारी एवं प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सका है.
जबकि थानाध्यक्ष आये और बदल कर चले गये. लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. जबकि अंचल क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है. लेकिन वह जमीन पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है. लेकिन ओपी एवं पस्तपार पुलिस शिविर को आज तक अपना भवन नसीब नहीं हो सका है.
हालांकि पतरघट ओपी को थाना का दर्जा दिए जाने के लिए प्रशासनिक कवायदे जोर शोर से चल रही है. लेकिन नतीजा अब तक सिफर बना हुआ है. जिसके कारण आम लोगों सहित पुलिस पदाधिकारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है एवं एक मामूली से भी काम के लिए सौरबाजार थाना जाना पड़ता है. चूंकि सौरबाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ही पतरघट ओपी एवं पस्तपार पुलिस शिविर आता है.
इस बाबत ओपी प्रभारी अकमल हुसैन ने बताया कि ओपी को थाना का दर्जा दिये जाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सारी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी है. चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस और कदम उठाया जायेगा.
