- आरपीएफ कार्यालय से हो रही मॉनीटरिंग, निगरानी के लिए 50 इंच का लगाया गया प्लाज्मा टीवी
- रेलवे बोर्ड, हाजीपुर जोन व समस्तीपुर डिवीजन के लिंक से सीधा जुड़ा सहरसा जंक्शन
- तत्काल टिकट काउंटर के बाहर व कार्यालय के अंदर भी लगाया गया सीसीटीवी कैमरा
- सफाईकर्मी ने सफाई व्यवस्था में कोताही बरती तो कैमरे की नजर में आने के बाद कटेगा वेतन
सहरसा : सहरसा जंक्शन का चप्पा-चप्पा अब तीसरी आंख की नजर में है. स्वच्छता, संदिग्ध शख्स व टिकट दलालों पर अब रेल अधिकारियों की सीधी नजरें होगी. इसके लिए प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्सल, मुसाफिर खाना, मालगोदाम, प्रवेश गेट, फुट ओवर ब्रिज सहित जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर इंटरनेट प्रोटोकॉल बेस्ट कैमरा लगाया गया है. अब तक 40 सीसीटीवी कैमरा ने काम करना शुरू कर दिया है.
अब विभाग की मानें तो तो 48 सीसीटीवी कैमरा लगाया जा रहा है. इसमें 5 मूविंग व 43 फिक्स कैमरा लगाये गये हैं. स्वच्छता अभियान फंड से सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. इसके लिए आरपीएफ कार्यालय में 50 इंच बड़ा व साथ ही एक छोटा प्लाज्मा भी लगाया गया है. जहां से आरपीएफ द्वारा निगरानी की जा रही है.
टिकट दलालों पर रोक के लिए आरक्षण टिकट व तत्काल टिकट काउंटर पर 8 व आरक्षण कार्यालय के अंदर भी सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है. ताकि बाहर से लेकर अंदर तक रेल कर्मचारियों व टिकट दलालों पर रेल अधिकारियों की सीधी निगरानी बनी रहे. कैमरा लगाने के लिए कटिहार की वर्ल्ड कम्युनिकेशन एजेंसी को यह जिम्मा दिया गया है.
30 मीटर की दूरी तक अंधेरे में भी हरेक गतिविधियों पर रखेगा नजर
सहरसा जंक्शन पर 40 सीसीटीवी कैमरा ने काम करना शुरू कर दिया है. रेल यात्रियों से लेकर रेल कर्मचारियों तक की हरकत पर नजर रखी जा रही है. सहरसा जंक्शन के चप्पे-चप्पे पर अब रेल अधिकारियों की नजरें हैं. रेल प्रशासन ने बताया कि इस कैमरे की खासियत यह है कि सभी कैमरा इंटरनेट प्रोटोकॉल बेस्ड है.
भारतीय रेल में जो भी रेलवे स्टेशन इंटरनेट से जुड़ा है, सहरसा जंक्शन की हरेक गतिविधयों को सीधा देख सकेंगे. इसके अलावा स्टेशन की साफ-सफाई व रेल कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी रेलवे अधिकारियों की नजरें होंगी. पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर, समस्तीपुर डिवीजन सहित रेलवे बोर्ड तक तक कैमरा का लिंक जोड़ा गया है.
वहीं साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सीएचआई कार्यालय में भी प्लाज्मा टीवी लगाया जा रहा है. ताकि सफाई कर्मियों पर भी सीधी निगरानी रहे. अगर कोई सफाइकर्मी सफाई व्यवस्था में कोताही करता है तो उसका वेतन भी काटा जायेगा. रेल अधिकारियों ने बताया कि सभी कैमरा नाइट विजन हैं. जो कि 30 मीटर की दूरी तक अंधेरे का फायदा उठाकर हरेक गतिविधियों पर नजर रखेगा.
