अक्सर हड़बडी में गड़बड़ी करता है परिवहन विभाग
सहरसा : बिहार सरकार का परिवहन विभाग भी एक से एक कहानी गढ़ता रहता है. विभाग के अधिकारियों की अनदेखी, अकर्मण्यता व शिथिलता के कारण ही बस, ट्रक से लेकर बाइक तक पर ओवरलोडिंग होती रहती है. जो अक्सर दुर्घटना का कारण बनता है. यह कभी परिवहन नियमों की किसी को चेतावनी देता नहीं हैं. विभाग की जब इच्छा होती है या जब राशि का टारगेट परेशान करता है. तब इन्हें विभाग के नियम-कानून की याद आती है. वे आनन-फानन में किसी चौक-चौराहे पर खड़े हो बाइकर्स की गलती पकड़ने व उनसे जुर्माना वसूलने में लग जाते हैं. लेकिन सरकार के ये जिम्मेवार अधिकारी ‘हड़बड़ी में गड़बड़ी’ कर बैठते हैं.
सोमवार को एक ऐसा ही वाकया सामने आया. जब रजिस्ट्री ऑफिस में मोहरील का काम करने वाले नवहट्टा निवासी प्रमोद कुमार सिंह अपना हेलमेट ऑफिस में ही रख गांधी पथ स्थित सूर्या हॉस्पीटल चले गए. वहां से लौटने के बाद कलेक्ट्रेट गेट पर चल रही जांच में वे पकड़े गए. बाइक (बीआर 19 बी 8209) के साथ सभी कागजात उपलब्ध रहने के बाद भी सिर पर हेलमेट नहीं होने के कारण उन्हें जुर्माना लगा दिया गया. परिवहन विभाग के अधिकारी ने मोटरगाड़ी अधिनियम 1988 की धारा 177-179 के तहत आठ सौ रुपये का चलान काट राशि वसूल ली. लेकिन 31 जुलाई को काटे गए चलान रसीद में विभाग के अधिकारी ने एक अगस्त की तारीख दे डाली. पूछने पर डीटीओ ने कहा कि हड़बड़ी में गड़बड़ी हो गयी होगी.
