परेशानी. जिन्हें चुन कर भेजा, वे भी दूर नहीं कर पा रहे लोगों की परेशानी
सोशल मीडिया पर पाठक लगातार भेज रहे तसवीर व समस्या
झील में तब्दील हो गयी है शहर की सड़कें
सहरसा : यूं तो जिले भर में लोग जलजमाव से परेशान हैं. लेकिन शहर की अति व्यस्त सड़कें नदी-तालाब के रूप में नजर आने लगी है. जूता पहन कर घरों से निकलना लोग भूल गये हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ जगहों पर गड्ढे इस तरह पानी से लबालब भरे हैं कि वाहन चालक अनजाने में हादसे के शिकार हो रहे हैं. शहर के डी बी रोड, समाहरणालय रोड के अलावा सभी मुख्य सड़क बरसात में बदहाल बनी हुई है. मोहल्ले की हालत बाजार से भी अधिक खराब हो गयी है.
खासकर नया बाजार, न्यू कॉलोनी, बटराहा, कायस्थ टोला में लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. लोगों ने बताया कि जलजमाव की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. इसके बावजूद नगर परिषद कोई कवायद नहीं कर रही है. सोशल मीडिया के जरिये रोजाना शहर के लोग जलभराव की एक से बढ़ कर एक तसवीर भेज रहे हैं. स्थानीय लोगों को जल्द समस्या से मुक्ति नहीं मिली तो उनका आक्रोश जिला प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकता है.
केस स्टडी 1
यह तस्वीर वार्ड नंबर 16 की है. जिसे हमारे पाठक रवि कुमार सिंह ने भेजी है. यहां बने नाला से होकर मोहल्ले का पानी बहाया जाता है. जिसके निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है. इस वजह से बारिश के दिनों में नाला का गंदा पानी भी सड़कों पर आ जाता है. लोग सिर्फ जरूरत के कार्य पूरे करने को ही घरों से निकलते हैं. स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक सुस्त बने हुए हैं. शहर के पुराने मोहल्ले की बदहाली देख दूर के इलाके का आकलन किया जा सकता है. लोगों ने शीघ्र सुधार की मांग की है.
केस स्टडी 2
बरसात के दिनों में शहर के अन्य मोहल्ले की अपेक्षा चाणक्यपुरी की तस्वीर भी बदरंग हो जाती है. यह तस्वीर हमारे पाठक संतोष कुमार ने भेजी है. नाला बने है लेकिन उस पर प्लेट नहीं रहने की वजह से बारिश में भयावह बन गयी है. रात के अंधेरे में बाइक सवार अक्सर नाला में गिर जाते है. स्थानीय लोगों ने बताया कि एक घंटे की बारिश में ही सड़क व नाला का फर्क समाप्त हो जाता है. जिसके बाद रोजाना आवागमन करने वाले लोग तो अंदाज लगा पार कर जाते हैं. लेकिन बाहरी राहगीरों को सड़क पार करने में काफी परेशानी होती है.
केस स्टडी 3
यह तस्वीर गंगजला मोहल्ले की है. जिसे हमारे पाठक समृद्धि ने भेजी है. उन्होंने बताया कि नाला ओवरफ्लो हो चुका है. पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. कच्चे नाले से कुछ जगहों पर राहत मिली है. लेकिन गंगजला का अधिकांश क्षेत्र अब भी जलभराव से परेशान है. उन्होंने कहा कि नाले का पानी हल्की बारिश में भी सड़कों पर आ जाता है. स्थानीय लोग शौचालय की टंकी नाला से जोड़े हुए हैं. बरसात में दूषित पानी संक्रमण फैला रहा है. नगर परिषद को स्वच्छता की तरफ भी देखनी चाहिए.
केस स्टडी 4
रमेश झा रोड की यह तस्वीर विकास भारती ने भेजी है. सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी है. पैदल पार करें या वाहन से लोगों को गड्ढे में गिरने का डर लगा रहता है. स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि सड़क का निर्माण तो किया गया. लेकिन जलनिकासी को लेकर कोई व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है. स्थानीय लोग बताते हैं कि बरसात के समय प्रशासन सक्रिय हो जाता है. लेकिन बरसात के बाद कोई इन समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं रहता है.
केस स्टडी 5
शहर का अति व्यस्त इलाका गंगजला चौक रोड हल्की बारिश में भी डूब जाता है. तस्वीर भेजने वाले हमारे पाठक राजा बताते हैं कि समस्या रोजाना खराब होती जा रही है. स्थानीय दुकानदारों का व्यवसाय इन दिनों नीचे गिर जाता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष सड़क निर्माण की बात जिला प्रशासन द्वारा कही गयी थी. लेकिन अभी तक कोई कवायद नहीं दिख रही है. सड़क पर जलभराव के कारण हमेशा सड़क जाम की समस्या बनी रहती है. लोगों ने शीघ्र निदान की मांग की है.
