बिहार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का बदलेगा नियम, अब परिवार के एक ही व्यक्ति को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति जनजाति अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करने के लिए नियम तय किये हैं. योजना का लाभ परिवार (पति,पत्नी व अवयस्क बच्चे) के एक ही व्यक्ति को दिया जायेगा़ संयुक्त परिवार केवल एक दफा ही इस योजना का लाभ उठा सकेगा़

पटना. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति जनजाति अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्योग स्थापित करने के लिए नियम तय किये हैं. योजना का लाभ परिवार (पति,पत्नी व अवयस्क बच्चे) के एक ही व्यक्ति को दिया जायेगा़ संयुक्त परिवार केवल एक दफा ही इस योजना का लाभ उठा सकेगा़

जारी संकल्प के मुताबिक विभाग को लगता है कि इस योजना में कोई फेरबदल करना जरूरी है तो वह अलग से इसके लिए निर्देश जारी कर सकता है़ इस योजना के लिए आवेदन वर्ष की प्रथम तिमाही के दौरान ऑन लाइन आवेदन मांगे जायेंगे़ इसके अलावा उद्योग विभाग ने वित्तीय अनुदान व सहायता देने के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर दी है़

नयी प्रक्रिया के तहत चुने हुए लाभुकों को प्रथम किश्त मिलने के तीस दिन व्यय कर उद्योग महाप्रबंधक को इसकी सूचना देनी होगी़ सूचना के बाद महाप्रबंधक को तीन दिन के अंदर तीसरी किश्त भी देनी होगी़ दूसरी किश्त जारी होने के बाद 45 दिन के अंदर उत्पादन प्रक्रिया शुरू करनी होगी़

उत्पादन के एक माह बाद कर्ज की वसूली शुरू की जायेगी़ उद्योग विभाग महिला एवं युवा उद्यमी योजना से लाभान्वित होने के लिए ऑन लाइन आवेदन लिये जायेंगे़ शुक्रवार को उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव बृजेश मेहरोत्रा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक की गयी़

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी एवं युवा उद्यमी योजना के क्रियान्वयन के लिए उचित कदम उठाएं. उन्होंने अभी तक संचालित रही आरक्षित वर्ग मसलन अनुसूचित जाति, जनजाति ,पिछड़ा वर्ग के लिए संचालित रोजगारुन्मुखी योजनाओं की समीक्षा की़.

Posted by Ashish Jha

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Published by: Prabhat khabar news desk

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