चुनाव के बहाने नगर पर्षद कार्यालय में मौज

सासाराम शहर : कहावत है, राजा जी गये घर तो जने-तने हर. इन दिनों नगर पर्षद कार्यालय की स्थिति यही है. यहां का काम-काज ठप पड़ा है. कार्यालय के पदाधिकारी सहित कर्मचारी मौज की बंसी बजा रहे हैं. उनका कहना है कि नये बोर्ड के गठन के बाद ही कार्यालय का कार्य गति पकड़ेगा. इससे […]

सासाराम शहर : कहावत है, राजा जी गये घर तो जने-तने हर. इन दिनों नगर पर्षद कार्यालय की स्थिति यही है. यहां का काम-काज ठप पड़ा है. कार्यालय के पदाधिकारी सहित कर्मचारी मौज की बंसी बजा रहे हैं.
उनका कहना है कि नये बोर्ड के गठन के बाद ही कार्यालय का कार्य गति पकड़ेगा. इससे पहले रूटीन वर्क के तहत छोटा-मोटा कार्य निबटाया जा रहा है. कोई भी कार्य जन सूचनाओं से संबंधित नहीं है. हालांकि, पदाधिकारी व कर्मचारी के इस रवैये से आमजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जन्म-मृत्यु से ले कर म्यूटेशन के कार्य के लिए आवेदन लेने वाला कोई नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि चुनावी कार्य समाप्त होने के बाद ही दूसरा कार्य शुरु होगा. हालांकि, यह ऐसे कार्य हैं, जिनसे पार्षदों के बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है.

कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि चुनाव की वजह से पूरा कार्य ठप पड़ा है. हालांकि, सवाल उठ रहा है कि, इस चुनाव में कार्यालय व उसके कर्मचारियों को अलग रखा गया है. ऐसे में विभागीय कार्य में उन्हें क्या परेशानी हो सकती है. उन्हें जिला प्रशासन सहित निर्वाचन कार्यालय ने चुनावी कार्य से मुक्त कर दिया है. विभाग में सैकड़ों कार्य कार्यालय कर्मियों व पदाधिकारी के देख-रेख में ही संभव है. उस मामले में भी वे कुछ नहीं कर रहे हैं. जबकि, उनकी उदासीनता से नप दुकानदारों से किराया वसूली, अतिक्रमण हटाना आदि कार्यों कि गति धीमी पड़ गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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