सासाराम शहर : निकाय चुनाव को लेकर उलटी गिनती शुरू हो गयी है. नामांकन के उपरांत प्रत्याशी मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देकर संबंधित वार्ड में किये गये काम का हवाला दे रहे हैं. विकास भले ही निकाय चुनाव का मुद्दा बने अथवा न बने, लेकिन शहर की गंदगी पर चुनावी रंग चढ़ चुका है. हर वार्ड में फैली गंदगी मतदाताओं को मुंह चिढ़ा रहा है.
लिहाजा वर्तमान वार्ड पार्षद के अलावा चुनावी मैदान में खड़े प्रत्याशियों के लिए ये गंदगी परेशानी का सबब बनता जा रहा है. मतदाता सफाई के मामले में उनसे दो टूक जवाब चाहते हैं. दरअसल, आरक्षण रोस्टर लागू होने के बाद कई वार्ड सदस्य का क्षेत्र ही बदल गया. ऐसे में मतदाता प्रत्याशियों से ही जवाब मांग रहे हैं. शहर के गौरक्षणी, नवरतन बाजार, गोला बाजार, भारतीगंज, चौखंडी सहित आधा दर्जन से अधिक वैसे जगह हैं जहां डस्टबीन होने के बाद भी गंदगी सड़कों पर पसरा है जो शहरवासियों को नागवार गुजर रहा है.
आखिर हो क्यों नहीं? नगर पर्षद की सफाई व्यवस्था इतनी लचर है कि नियमित सफाई तो छोड़, डस्टबीन में जमा कचरे को भी सप्ताह भर बाद भी हटाया नहीं जाता. बहरहाल, गंदगी का रंग चुनाव में किस कदर अपना रंग दिखायेगा यह तो समय बतायेगा. लेकिन, मतदाताओं के साथ प्रत्याशियों की चुनावी लड़ाई में गंदगी अपना रंग दिखा रहा है.
