सभी विक्रेताओं को सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी पॉस मशीन
सासाराम शहर : खाद की कालाबाजारी रोकने के सरकार द्वारा अब पुख्ता उपाय किये जा रहे हैं. इसके तहत किसानों से लेकर खुदरा विक्रेताओं तक को पॉस मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही खाद उपलब्ध हो पायेगा.
वहीं, दूसरी ओर इस पहल के बाद अब खाद के स्टॉक व खपत की बराबर जानकारी सरकार को बराबर मिलती रहेगी. इसके लिए सभी विक्रेताओं को सरकार नि:शुल्क पॉस मशीन देगी. एक जून से यह प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी और किसानों से लेकर खुदरा विक्रेताओं को भी अंगूठा लगाने के बाद ही खाद मिल पायेगा.
ऐसे काम करेगा सिस्टम: इस नयी व्यवस्था के तहत थोक विक्रेता से लेकर खुदरा विक्रेता तक सभी एक ही सिस्टम के अंतर्गत काम करेंगे. यदि कोई रिटेलर किसी थोक खाद विक्रेता के यहां खाद उठाता है तो उसे पहले अपनी पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड दिखाने के बाद नयी पॉस मशीन पर अंगूठा लगाना होगा. इसके बाद ही बिलिंग की प्रक्रिया होगी. इसी प्रकार कोई खुदरा विक्रेता यदि एक बोरा खाद भी बेचेगा तो उसे संबंधित ग्राहक का अंगूठा लेने के साथ ही उसका पहचान पत्र लेना होगा तभी उसके एक बोरी खाद का बिल कटेगा.
यह होगा इसका फायदा: इस नयी व्यवस्था के शुरू होने के बाद सबसे बड़ा फायदा बाजार की कृत्रिम गड़बड़ी से लोगों को निजात मिलेगी. खाद की रैक जिस जिले के लिए होगी उसी जिले में जायेगी. रिटेलर के पास भी इसकी पूरी सूचना होगी कि उसने किन-किन ग्राहकों को खाद की बोरियां बेची हैं. इसके अलावा इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिले में कितनी खाद की बिक्री हो चुकी और कितना शेष बचा है. किन-किन वितरकों द्वारा कितने खाद का उठाव किया गया है. इसका बराबर मुख्यालय को आंकड़ा मिलता रहेगा.
जरूरी होगा आधार कार्ड
जिला कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों को खुदरा व्यवसायी के यहां अपना आधार कार्ड लेकर जाना होगा. व्यवसायी द्वारा उसका नंबर दर्ज करने के बाद पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद ही खाद की आपूर्ति की जायेगी. आगामी एक जून से यह नियम जिले में प्रभावी हो जायेगा. किसानों को नकद राशि के अलावा क्रेडिट कार्ड की मदद से भी भुगतान की सुविधा मिलेगी. उर्वरक विक्रेताओं को सरकार की नयी व्यवस्था के अंतर्गत नि:शुल्क पॉस मशीन उपलब्ध कराये जायेंगे. इसके लिए एक जून से पहले ही शिविर का आयोजन कर सभी को पॉस मशीनें दी जायेगी.
विक्रेताओं को कराना होगा निबंधन
इस नयी व्यवस्था के लागू होने के बाद अब सिर्फ वही लोग खाद का व्यवसाय कर पायेंगे जिनका निबंधन एमएफएमएस से होगा. इसके निबंधन के लिए दुकानदारों को इफ्को के प्रबंधक के यहां आवेदन देना होगा. इसके अलावा प्रत्येक दुकानदार को अपने बैंक खाता नंबर, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर आदि सूचनाएं दर्ज करानी होगी, तभी उनका निबंधन होगा.
बोले अधिकारी
सभी खुदरा व्यवसायियों को सरकार की इस नयी व्यवस्था के ढांचे में हर हाल में ढलना होगा. बिना निबंधन कराये व बिना पॉस मशीन लिए अब कोई भी खुदरा विक्रेता उर्वरक की बिक्री नहीं कर सकता है. यदि कोई पकड़ा जायेगा, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
दिनेश प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, रोहतास
