करगहर : स्थानीय बाजार में थान के सामने करगहर राजवाहे पर वर्षों पहले बने पुल के पाया धंस गया. इससे कभी भी किसी प्रकार की अनहोनी की घटना घटित हो सकती है. यह पुल ढाई लाख आबादी वाले प्रखंड के आधी आबादी को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने का काम करता है. इस पुल को पार करके ही प्रतिदिन दर्जनों बसे व सवारी गाड़ियां का वाराणसी, कुदरा, मोहनिया व परसथुआंतक आना जाना होता है. ग्रामीण इलाके से पढ़ने वाले स्कूली छात्र-छात्राएं भी प्रतिदिन दिन इस पुल से गुजरते हैं.
गुरुवार को समाजसेवी हरिगोविन्द पांडेय उर्फ गोलु पांडेय, दीपक रंजन वर्मा व लालबाबू कुमार के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने थानाध्यक्ष से मिल कर इसकी जानकारी उन्हें दी. थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार द्वारा अविलंब इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अवर प्रमंडल पदाधिकारी करगहर को दी गयी. समाजसेवियों व बुद्धिजीवियों ने स्थानीय प्रशासन से यथाशीघ्र इस पुल पर आवागमन बंद कर इसके बगल में नवनिर्मित पुल को चालू कराने की मांग की है.
