संपत्ति को तहस-नहस करने का प्रयास
प्रबंधन कमेटी के सचिव की भूमिका को उपाध्यक्ष ने बताया संदिग्ध
प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष व दो सदस्यों ने थाने में एफआइआर के लिए दिया आवेदन
डेहरी कार्यालय : मॉडल स्कूल न्यू विंग जक्खी बिगहा के भवन को ध्वस्त व स्कूल की संपत्ति को तहस नहस करने के प्रयास पर अभिभावकों सहित शहर के निवासियों में आक्रोश व्याप्त है. घटना की जानकारी शहर में आग की तरह फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
सूचना पाकर पहुंचे विद्यालय के प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार, सदस्य अजय सिंह व अरविंद कुमार सिंह ने घटना के संबंध में नगर थानाध्यक्ष को आवेदन दे कर एफआइआर करने का आग्रह किया है. दिये गये आवेदन में कहा गया है कि विद्यालय 2002 से उक्त भवन में किराये पर चलता है.
इस विद्यालय भवन की मालिक गार्गी गुप्ता हैं, जो बहुत दिनों से विदेश में रह रही हैं. पिछले वर्ष मकान मालकिन के अनुरोध पर भवन का किराया 15500 से बढ़ा कर 22000 करते हुए उक्त भवन को खरीदने की इच्छा भी प्रबंधन कमेटी द्वारा व्यक्त की गयी थी. स्कूल अच्छी तरह से चल रहा था कि शुक्रवार की सुबह कुछ अभिभावकों द्वारा मोबाइल पर सूचना दी गयी कि स्कूल भवन व स्कूल के बहुत सारे संपत्ति को तहस नहस व बरबाद कर दिया गया है.
जब हम सदस्य वहां पहुंचे तो वहां भीड़ लगी थी. स्कूल भवन की स्थिति ऐसी हो गयी है कि बिना मरम्मत कराये उसमें बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकती. विद्यालय का वाचमैन दीनानाथ ने बताया कि लगभग तीन बजे रात में अर्थमूवर लेकर 20-25 की संख्या में लोग आये व उसका मोबाइल छीन लिया व उस को धमकी भरे लहजे में डरा दिया. वैसे तो वह सभी लोगों को पहचानता है और पुलिस के समक्ष बताने को तैयार है.
आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस संबंध में सचिव डाॅ अरविंद कुमार सिंह जो अभी स्वा उपकेंद्र दरिहट में कार्यरत है कि भूमिका भी संदिग्ध है.
उपरोक्त बिंदुओं पर विचार करते हुए एक हजार बच्चों के भविष्य को देखते हुए अपनी उपस्थिति में उक्त विद्यालय भवन की मरम्मत कराने व असामाजिक तत्वों पर कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह आवेदन में किया गया है. आवेदन की प्रतिलिपि डीएम व एसपी को दे कर प्रशासन की देख-रेख में विद्यालय को चलाने का आग्रह भी किया गया है. इस संबंधमें प्रबंधन कमेटी के सचिव ने अपने उपर लगे आरोप को बेबूनियाद बताते हुए विद्यालय भवन को ध्वस्त करने के प्रयास को गलत बताते हुए स्कूल व छात्रों के हक में फैसला लेने की बात कही है.
