तपिश व लू से सूख रहे कंठ

खीरा, ककड़ी, तरबूज बेचनेवालों की भी बहार सासाराम शहर : गरमी बढ़ने के साथ ही जगह-जगह शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी तेज हो गयी है. शीतल पेय वाले ठेलों के पार खरीदारों की अच्छी भीड़ नजर आ रही है. शहर के सभी प्रमुख चौराहों, तिराहों, सड़कों के फुटपाथों पर सुबह से ही शीतल पेय […]

खीरा, ककड़ी, तरबूज बेचनेवालों की भी बहार
सासाराम शहर : गरमी बढ़ने के साथ ही जगह-जगह शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी तेज हो गयी है. शीतल पेय वाले ठेलों के पार खरीदारों की अच्छी भीड़ नजर आ रही है. शहर के सभी प्रमुख चौराहों, तिराहों, सड़कों के फुटपाथों पर सुबह से ही शीतल पेय के ठेले लग जा रहे हैं.
एक गिलास ठंडा पानी एक रुपये, नीबू-पानी पांच रुपये, नीबू-चीनी शरबत 10 रुपये, आम का पन्ना 10 रुपये गिलास बिक रहे है. इसी तरह गन्ना जूस ठेलों पर 10 व 15 रुपये गिलास उपलब्ध है. खीरा, ककड़ी, तरबूज, पपीता बेचने वालों की भी बहार आ गयी है. यह बाजार में 10 से 20 रुपये किलो उपलब्ध है. सूर्य की तपन के साथ दिन प्रतिदिन इसकी भी मांग बढ़ रही है. बर्फ की कीमत आठ से बढ़ कर 10 रुपये प्रति किलो हो गयी है.
कहीं नहीं है प्याऊ
सूर्यदेव की तपन से सड़कों पर निकलनेवालों का बुरा हाल है. दस कदम चलते लोगों के हलक सूख जा रहे है. गले को तर करने के लिए पानी की आवश्यकता हो रही है, लेकिन कहीं भी नगर निगम के प्याऊ व्यवस्था नहीं दिख रही. आम तौर पर अप्रैल में प्रमुख चौराहों-तिराहों, सड़कों की फुटपाथों पर नगर पर्षद के तरफ से प्याऊ की व्यवस्था की जाती है, पर अप्रैल का दूसरा सप्ताह खत्म होने को जा रहा है. किसी को इसकी चिंता नहीं है. पानी के लिए प्यासे भटक रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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