सासाराम : राजनीति का चस्का लगा है. आरक्षण ने मारा है. घोटाले का तोहमत भी लग चुका है. फिर भी कुरसी का मोह नहीं छुट रहा. अब अपने साथ पत्नी को भी चुनाव मैदान में उतारने को उतावला. पत्नी तीन नंबर से तो पति आठ नंबर से किस्मत आजमायेंगे. लोग चुटकी ले रहे हैं. अब दोनों मिल कर कमायेंगे. चेयरमैन की बात आयेगी, तो माल दोनों को बराबर मिलेगा. बोर्ड में आफत आयी, तो पत्नी भी मोरचा संभालेगी. घोटाले का माल दोनों भोगेंगे. मजा आयेगा.
ओकरा के हरावे खातिर चुनाव लड़ब : बड़ा ताव खाता. अपना के कमिश्नर समझे लागल बा, इ चुनाव में ओकरा के औकात बता देवेके बा. हम जीते खातिर ना ओकरा के हरावे खातिर चुनाव लड़ब.
20 हजार रुपया सोचब पानी में जाता. लेकिन, ओकरा हरावल जरूरी बा. शहर के वार्ड 11 में इसकी चर्चा जोरों पर है. लोगों ने कहा कि अपने तो डूबेगा ही दूसरे को भी ले डूबेगा. यह भी कोई बात हुई कि जीतने के लिए नहीं हारने के लिए कोई चुनाव लड़े. लोगों ने कहा भगवान उनको सदबुद्धि दे.
