डेहरी कार्यालय : फोरलेन सहित सोन नद बालू घाट के तरफ जाने वाली सभी महत्वपूर्ण सड़कों फिर बालू लदे वाहनों से पानी टपकने के कारण सड़क तर होने लगी हैं. पक्की सड़कों के खराब होने के कारणों में सबसे महत्वपूर्ण बालू लदे वाहनों से पानी का गिरना है. हालांकि, ओवालोडेड बालू लदे वाहनों से गिरते पानी को देख कर लोगों का कहना है कि आइजी नैयर हसनैन खान के आदेश भी बेअसर हो गया है. प्रशासन के उपर बालू माफिया एक बार फिर हावी हो गये हैं. ओवरलोड वाहनें की कौन कहे पिछले माह तक अंडर लोड इक्के-दुक्के वाहन ही कभी-कभी सड़क पर सुखे बालू के साथ दिखाई पड़ते थे. अब एक बारगी सैकड़ों की संख्या में दिन के उजाले में धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ने लगी है.
जनवरी में चला था विशेष अभियान : आइजी नैयर हसनैन खान के आदेश पर सात जनवरी को चार जिलों की पुलिस द्वारा चलाये गये विशेष अभियान में करीब 192 ओवरलोडेड बालू लदे वाहन पकड़े गये थे. पकड़े गये वाहनों में सबसे अधिक करीब 32 बालू लदे वाहन डेहरी से पकड़े गये थे.
इस अभियान के बाद बालू माफियाओं के बीच मची हड़कंप के कारण करीब-करीब पूणरूपेण बालू के उत्खनन पर रोक सा लग गया था. कुछ थानाध्यक्षों द्वारा अभियान के दिन शिथिलता बरते जाने को गंभीरता से लेते हुए आइजी द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन को दिये गये निर्देश पर कार्रवाई भी हुई थी. धीरे-धीरे अंडर लोड सूखा बालू उठाव का कार्य सामान्य हुआ, लेकिन एक बारगी ओवरलोडेड भींगा बालू लदे वाहनों का परिचालन शुरू होने पर लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं.
