अनदेखी. लोक शिकायत निवारण में आदेशों का नहीं होता पालन
प्रधान सचिव के संज्ञान के बाद भी स्थिति जस की तस
सासाराम सदर : प्रशासनिक सुधार व लोक शिकायत विभाग लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए काम करता है. इसके लिए अनुमंडल से लेकर जिला स्तर तक लोक शिकायत विभाग के कार्यालय स्थापित किये गये हैं. आमलोगों द्वारा प्राप्त शिकायतों को सुलझाने के लिए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी व अनुमण्डल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की नियुक्ति भी हुई है, ताकि प्रत्येक नागरिक को ससमय शिकायतों से मुक्ति मिल सके.
विभाग के कार्यालय में अधिकारी हमेशा तत्पर रहते हैं. लोग अपनी शिकायतों का निबटारा कराने के लिए इस विभाग में पहुंचते हैं. लेकिन, शिकायतों का निबटारा होता है कि नहीं, ये सिर्फ परिवादी ही समझ सकते हैं. इस विभाग के कार्यों को गंभीरता लेते हुए प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संंबंधित विषय पर संज्ञान लिया था. ऐसे कई मामले हैं, जो सिर्फ कागज पर ही सिमटे हुए हैं. लेकिन, संज्ञान के बाद भी अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ. अब तक जिले में सात माह से लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत कुल 3106 परिवाद दर्ज हुए हैं. इनमें से 1368 परिवाद को स्वीकृति की गयी है, जबकि 1222 परिवादों पर वैकल्पिक सुझाव देते हुए निष्पादन किया गया है.
इसमे 390 परिवादों की अब तक सुनावाई नहीं हुई है.
जिलास्तर पर दर्ज परिवाद: जिला स्तर पर लोक शिकायत अधिनियम निवारण अधिनियम के तहत 1440 परिवाद दर्ज हुए हैं. इसमें 495 परिवादों को ही स्वीकृत किया गया हैं, जबकि 256 परिवादों के वैकल्पिक सुझाव से निष्पादन किया गया है. 133 परिवादों को अस्वीकृत किया है और 152 परिवादों को लंबित मामले के सुनवाई की प्रक्रिया अभी जारी है.
अनुमंडल स्तर पर दर्ज परिवाद
अनुमंडल स्तर पर लोक शिकायत अधिनियम के तहत कुल 1667 परिवाद दर्ज हुए हैं. इसमें 873 परिवादों को स्वीकृत किया गया है. 435 परिवादों को अस्वीकृत किया है, जबकि 238 परिवाद लंबित मामले से अभी तक कोई सुनवाई नही हुआ है. सासाराम अनुमंडल में कुल 622 परिवाद दर्ज हुए हैं, जिसमें 226 परिवादों को अस्वीकृत, 417 परिवादों को वैकल्पिक सुझाव से निष्पादन व 60 परिवादों का निष्पादन नहीं हुआ है. डेहरी अनुमंडल मे कुल 480 परिवाद दर्ज हैं. 192 परिवादों की स्वीकृति हुई. 99 परिवादों की सुनवाई नहीं हुई. बिक्रमगंज अनुमंडल मे कुल 565 परिवाद दर्ज हैं. 312 परिवाद स्वीकृत, जबकि 79 परिवादों की लंबित मामले में सुनवाई नहीं हुई.
धीरे-धीरे बढ़ रहा मामलों का बोझ
लोक शिकायत निवारण के आदेशों पर अमल नहीं हो रहा है. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के बार-बार आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. इससे लोक शिकायत विभाग में धीरे-धीरे मुकदमाें का बोझ बढ़ता जा रहा है. बार-बार पदाधिकारियों के आदेश के बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई या कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ऋषिदेव ने बताया कि जिले के सभी परिवादों का सूक्षमतापूर्वक जांच के बाद निवारण किया जाता है. इसमें 60 दिन के अंदर लंबित मामले का निष्पादन किया जाता है. उन्होंने कहा कि जिन विभागों में अबतक मामला लंबित है, उनके निवारण के लिए भी निर्देशित किया जायेगा.
