डॉक्टर के बयान ने खड़े किये कई सवाल
सासाराम नगर : मंडल कारा के संतरी की आत्महत्या का मामला संदेह के घेरे में आ गया है. जवान ने आत्महत्या की या कोई और मामला था. अभी तक शुरुआती जांच में स्पष्ट नहीं हो सका है.
गौरतलब है कि मंडल कारा के वाच टावर पर ड्यूटी के दौरान होमगार्ड के जवान सुदामा माली ने गुरुवार की दोपहर अपने ही रायफल से आत्महत्या कर ली थी. जांच में पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी अपर समाहर्ता, होमगार्ड के कमांडेंट, मुफिस्सल थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी आत्महत्या की पुष्टि कर रहे हैं, पर इस से पूरी तरह संतुष्ट भी नहीं थे. सभी अधिकारियों ने पोसटमार्टम रिपोर्ट व मामले की पूरी तरह जांच होने के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही. जवान की 12 बजे से वाच टावर दो पर ड्यूटी थी. टावर पर जाने के 10 मिनट बाद गोली चलने की आवाज आयी. यानी जेल प्रशासन के अनुसार घटना 12 : 10 बजे हुई, जबिक शव का पोस्टर्माटम करने वाले चिकित्सक के बयान से मामला संदेह में है.
डाक्टर के बयान के मुताबिक, जवान की मौत 12 : 10 बजे होने की बात जेल प्रशासन कह रहा है. शव का पोस्टमार्टम शाम पांच बजे किया गया. पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर शिव शंकर प्रसाद ने बताया कि शाम पांच बजे जब पोस्टमार्टम किया गया तब शव अकड़ा हुआ था. गरदन भी अकड़ी हुई थी. मेडिकल साईंस के अनुसार, शव में अकड़न तभी होता जब उसकी मौत छह से बारह घंटे पहले हुई हो.
24 घंटे के बाद पुन: शव की अकड़न समाप्त हो जाती है और ढील पकड़ने लगती है. जवान के पेट में गोली लगी और वह गोली बायें तरफ पीठ को फाड़ती हुई बाहर निकल गयी. घटनास्थल पर खून नहीं गिरने के सवाल पर डॉक्टर ने कहा कि गोली लगने पर शरीर में एक ही छेद रह गया और गोली बाहर नहीं निकली. इस स्थिति में शरीर से खून नहीं भी निकल सकता है. गोली शरीर को आरपार कर निकली है, तब खून निकलना चाहिए था. घटनास्थल पर दो घंटे तक एक बूंद भी खून नहीं निकला था. जब शव को हटाया जाने लगा तब शरीर से खून का रिसाव शुरू हुआ था.
वाच टावर की सीलिंग में है गोली का निशान
जिस वाच आवर पर घटना हुई थी, उसकी सिलिंग पर गोली लगने के निशान पाये गये. जेल प्रशासन एक ही गोली चलने का दावा कर रहा है. एक ही गोली चली और वह जवान को लगी, तो दूसरी गोली का निशान सिलिंग पर कैसे बना.
गृहरक्षा वाहिनी के कमांडेंट अखिलेश कुमार ठकुर ने कहा कि जवान को 25 गोलियां मिली थी. 20 गोलियां कमर से बरामद की गयीं. चार गोलियां राइफल के मैगजीन से और एक खोखा राइफल के चेंबर से बरामद किया गया. इससे साबित होता है कि घटनास्थल पर एक ही गोली चली थी. जवान का शरीर बैठने की मुद्रा में पाया गया था. जब जवान बैठ कर आराम से खुद को गोली मारी थी तो सतह से सात फिट उंची सिलिंग में गोली कैसे लगी. दूसरी बात साथी कर्मी, अधिकारी व परिजन सभी ने कहा जवान तनाव में नहीं था, उसे नॉमर्ल स्थिति में देखा गया था.
परिजनों ने कहा- नहीं था कोई विवाद
चेनारी थाना क्षेत्र के तेलारी बाजार स्थित मृतक के घर पहुंचने पर पत्नी गीता देवी, बेटा धर्मवीर माली व तीनों बेटियों ने कहा कि घर में तो कोई विवाद था ही नहीं. होमगार्ड की नौकरी कर रही उनकी दूसरी बेटी सरिता ने बताया कि पिता खुश मिजाज व मिलनसार इनसान थे.
