सासाराम सदर : मंडल कारा के वाच टॉवर पर एक संतरी (होम गार्ड का जवान) सुदामा माली की गोली लगने से हुई मौत का मामला उलझ गया है. जांच में जुटे अधिकारी शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बता रहे है. अगर यह आत्महत्या का मामला है, तो जवान को तनाव में रहने की पुष्टि न साथी कर्मचारी कर रहे हैं और न ही परिजन. सब ने कहा जवान हंसमुख व मिलनसार था.
घटना से एक घंटे पहले भी जवान नॉर्मल स्थिति में देखा गया. मृतक जवान का बेटा धर्मवीर माली व पत्नी गीता देवी ने कहा कि हमारे घर परिवार में किसी तरह का चुनाव नहीं है. वह ऐसा आदमी था कि उससे किसी का संबंध खराब नहीं हो सकता है. वाच टावर पर जहां शव व उस का रायफल पड़ा था उसको देखने पर स्थिति संदेहात्मक लग रहा है.
घटनास्थल पर नहीं दिखा एक बूंद भी खून : वाच टावर संख्या दो पर जहां मृत जवान का शव पड़ा था.वहां एक बूंद भी खून नहीं देखा गया. जबकि, गोली लगने के मामले में ऐसा नहीं देखा जाता है. गोली लगने पर शरीर से बड़ी मात्रा में खून बाहर निकलता है. शरीर व उक्त स्थल पर खून फैल जाता है. मृतक के सीने के ठीक नीचे बीचो बीच गोली लगने का निशान वरदी पर देखा गया. जानकार बताते हैं कि पुलिस राइफ थ्री नॉट थ्री बहुत पावरफुल होता है. जिस किसी को इस राइफल से गोली लगती है, उस शख्स का शरीर आम तौर पर उछल जाता है. शरीर के जिस पार्ट में गोली लगती है. वहां से खून की धारा निरंतर निकलते रहती है. जब तक उसके शरीर में खून होगा. जबकि, ऐसा कुछ नहीं था.
मृतक का शरीर बैठने की मुद्रा में था. कहीं कोई छटपटाहट का निशान नहीं. खून का नामोनिशान नहीं. इस मामले में गृह रक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष सुजीत पांडेय ने कहा कि जब वाच टावर से शव उतारा जा रहा था. उस समय काफी मात्रा में खून निकल रहा था. दूसरी बात जब गोली जवान के सीने के नीचे लगी है, तो वाच टावर के सिलिंग पर गोली का निशान कैसे पाया गया. सभी सुरक्षा प्रहरी एक ही गोली चलने की पुष्टि कर रहे हैं. मामले की जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति का पता चलेगा.
