सासाराम/भभुआ : कैमूर पहाड़ी पर अधौरा थाना क्षेत्र के दुग्धा में हुई नक्सली घटना के बाद बेचैन कैमूर पुलिस को थोड़ी राहत मिली है. टीपीसी के एरिया कमांडर अनिल कुशवाहा उर्फ संदेश के राइट हैंड विजय खरवार को पुलिस ने अधौरा के जंगल से गोली व हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया है.
नक्सली विजय रोहतास जिले के नौहट्टा का निवासी है व टीपीसी में नंबर दो के ओहदे पर था. वह संदेश का राइट हैंड बताया जाता है. विजय के ऊपर कैमूर व रोहतास में नक्सली घटना के कुल एक दर्जन मामले दर्ज हैं.
एसपी हरप्रीत कौर ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि कैमूर पुलिस को सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन टीपीसी का एक दस्ता, जिसमें हथियारों से लैस तीन-चार लोग हैं, कैमूर व रोहतास की सीमा पर भ्रमण करते हुए देखा गया है. इसके बाद एसपी ने एएसपी अभियान राजीव रंजन के नेतृत्व में अधौरा थानाध्यक्ष एएसआइ रामचंद्र चौहान व सीआरपीएफ जवानों की एक टीम गठित की और ऑपरेशन चलाने का निर्देश दिया. ऑपरेशन के दौरान पुलिस दस्ते के करीब पहुंच गयी. पुलिस को देख नक्सली इधर-उधर भागने लगे. इसी क्रम में विजय खरवार को पकड़ लिया गया.
बाकी नक्सली जंगल का फायदा उठा कर वहां से भाग निकले. पूछताछ में उसने बताया कि 15 फरवरी को अधौरा के दुग्धा में अर्थमूवर व ट्रक जलाने की घटना को उसने अंजाम दिया था. उसका नेतृत्व एरिया कमांडर संदेश ने किया था. साथ हीं उसने यह भी बताया कि दुग्धा में जिस धनंजय सिंह का अर्थमूवर व ट्रैक्टर जलाया गया था, उससे संदेश की पुरानी रंजिश थी. संदेश का मानना है कि उसके मां-बाप को मारनेवालों की धनंजय सिंह ने मदद की थी. गौरतलब है कि धनंजय सिंह व नक्सली संदेश एक ही गांव कसेर के रहनेवाले हैं. पुलिसिया पूछताछ में उसने यह भी बताया है कि अभी संगठन में आठ लोग हैं, जिसका नेतृत्व संदेश करता है. .
इधर, एसपी ने बताया कि विजय खरवार का भाई नवल उर्फ दुलार खरवार भी टीपीसी का सक्रिय सदस्य रहा है, उसे रोहतास पुलिस ने पिछले साल गिरफ्तार किया था. फिलहाल वह रोहतास जिले में बंद है. विजय की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन टीपीसी को बड़ा झटका लगा है.
