जिलाधिकारी ने दिया मामले की जांच का आदेश
21 अक्तूबर को स्थानीय पुलिस ने फोरलेन पर पकड़े थे 132 ओवरलोडेड बालू लदे ट्रक
सासाराम/डेहरी : स्थानीय पुलिस द्वारा फोरलेन पर पकड़े गये बालू लदे ओवरलोडेड ट्रकों में से 62 ट्रकों के सरकारी कस्टडी से गायब होने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच करने का आदेश दिया है. गौरतलब है कि गत 21 अक्तूबर को फोरलेन पर जा रहे 132 ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों को स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़ा गया था. एसपी एमएस ढिल्लो ने बताया कि उक्त पकड़े गये ट्रकों से फाईन वसूलने के जब्त वाहनों को परिवहन विभाग को सौंप दिया गया था. परिवहन विभाग के अधिकारी द्वारा उनसे कितनी राशि वसूली गयी व उन ट्रकों को कहां खड़ा किया गया यह वहीं जानते हैं.
एसपी ने कहा कि पुलिस का काम वैसे वाहन को पकड़कर संबंधित विभाग को सौंपना. उन वाहनों से जुर्माना वसूलने का काम परिवहन विभाग का है. इस संबंध में परिवहन विभाग के एमवीआई ने बताया कि पकड़े गये 70 ट्रकों से ही जुर्माना के रूप में राशि वसूली गयी है. बाकी बचे 62 ट्रकों कहां है, यह बताने वाला कोई नहीं है. सरकारी कस्टडी से आखिर कहां गये 62 बालू लदे ओवरलोडेड ट्रकों यह सवाल अब जिले के कुछ पदाधिकारियों के लिए गले की गले की फांस बन गई है.
पुलिस द्वारा बालू लदे ओवरलोडेड के विरुद्ध चलाये गये अभियान की तारीफ चारों तरफ हो रही थी. परंतु, 132 ट्रकों में से 62 ट्रकों का सरकारी कस्टडी से गायब हो जाने से प्रशासन के ऊपर उंगली उठने लगी है. जब स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़े गये वाहनों को परिवहन विभाग को सौंप दिया गया, तो परिवहन विभाग उन वाहनों को कहां खड़ा किया था व उसकी रखवाली की जिम्मेवारी किसको दिया था.
ये जांच की विषय है. पूरे मामले की जांच के बाद ही यह खुलासा हो पायेगा कि पकड़े गये वाहन बिना जुर्माना दिये सरकारी कस्टडी से कैसे कब कहां से भाग गये मामले को डीएम ने काफी गंभीरता से लिया है व अपने स्तर से जांच करा रहे है, जांच में दोषी पाये जाने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बक्सने की बात भी उन्होंने कही है.
