सासाराम नगर : अमरा तालाब बाजार स्थित चाय दुकानदार प्रेम चौरसिया ने बताया कि उनकी ही दुकान पर शनिवार की सुबह अपराधियों ने पत्रकार धर्मेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी थी़
उनके ही सामने पत्रकार को गोली मारी गयी थी. वह बुजुर्ग हैं, फिर भी एक अपराधी पर ईंट से हमला किया था. अगर उस समय लोग साहस के साथ तत्परता दिखाते, तो मौके पर ही अपराधी पकड़े जाते. निराश दुकानदार ने बताया कि यह क्षेत्र बदनाम जगह है. पत्थरों की मंडी कहा जाता है. यहां लोग पुलिस पर हमला करना जानते हैं, अपराधियों पर नहीं. वह बहुत दुखी व शर्मिंदा हैं कि एक अच्छे इनसान की जान नहीं बचा सके. पहले धर्मेंद्र सिंह प्रतिदिन सुबह चाय पीने आते थे. इधर, दो माह से दो तीन दिनों पर आते थे.
शनिवार की सुबह आये और बोले चाचा एक गिलास पानी आ चाय द. तभी पांच मिनट पहले से बैठे दो अपराधियों ने पत्रकार पर हमला कर दिया. हालांकि, एक अपराधी को धर्मेंद्र ने काबू में कर लिया था, तभी दूसरा अपराधी सीने में सटा कर गोली मार कर भाग गया. सामने सड़क के उस पार बाइक पर बैठ सासाराम की ओर अपराधी भाग गये. हालांकि, उस समय दुकान पर लगभग आठ-10 लोग थे. गोली मार भाग रहे अपराधी सड़क पर गुजर रहे ट्रक से ठिठक गये थे. लोग चाहते, तो तीनों वहीं पकड़े जाते. उन्होंने चिल्लाते हुए ईंट चलायी, पर किसी ने साथ नहीं दिया. वह कैसे बताएं कि यहां लोगों की मानसिकता कितनी गंदी हो गयी है. अपराधियों की जगह अगर पुलिस के लोग होते, तो दृश्य दूसरा होता. विकलांग भी लाठी भांजता है. मगर, एक शरीफ आदमी को गोली मारी गयी, तो लोगों के कदम ठिठक गये.
