नोटबंदी. दो लाख ग्राहकों के लिए खुले आठ बैकों के दरवाजे, फिर भी मारामारी
बिक्रमगंज (रोहतास) : बिक्रमगंज नगर में खुले 8 बैकों ने ग्राहकों की परेशानी को देखते हुए अपने दरवाजे खोल दिये हैं, फिर भी लोगों में असंतोष के भाव देखने को मिल रहे है. जबकि सरकार ने उसके लिए 30 दिसंबर तक के लिए पर्याप्त समय सीमा निर्धारित किया है. एटीएम में लगी लंबी लंबी कतारें हो या बैकों के कैश काउंटर पर खड़े ग्राहक हो सभी की एक ही इच्छा, जल्द मिले हमे नये नोट. काम हो या नहीं चलो बैंक की ओर एक ट्रेंड सा बन गया है.
इस भीड़ का कई लोग शिकार हो रहे है तो कई लोग मजे भी ले रहे है. कई लोगों ने बताया कि उनको खुल्ले पैसे की कितनी जरूरत है, तो कई लोगों ने यह भी बताया कि हम तो नया पैसा करेंसी का दीदार जल्द से जल्द करना चाहते है. इसको लेकर घंटो लाईन में खड़ा रहना भी पड़ता है तो क्या फर्क पड़ता है.
कितनी है सभी बैंकों में ग्राहकों की संख्या : बिक्रमगंज में सबसे पुराने और सबसे अधिक ग्राहकों की संख्या वाला बैंक भारतीय स्टेट बैंक है जिसकी ग्राहक संख्या करीब 98 हजार है. दूसरे स्थान पर आता है सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया जिसकी ग्राहक संख्या है करीब 39 हजार , ग्राहकों की नजर में तीसरे स्थान पर काबिज इलाहाबाद बैंक है जिसकी ग्राहक संख्या करीब 15 हजार है.
मध्य विहार ग्रामीण बैंक की ग्राहक संख्या 13 हजार, पंजाब नेशनल बैंक 12 हजार, बैंक ऑफ इंडिया 12 हजार, केनरा बैंक 6 हजार, बैंक ऑफ़ बड़ौदा 6 हजार है. सभी आंकड़े बैंकों के आधिकारिक है और लगभग है.
दर्जनों एटीएम हैं नगर में, पर सभी है बेकाम : अकेले बिक्रमगंज नगर में ही एक दर्जन अलग अलग बैंको के एटीएम खोले गये हैं, पर आजकल सभी बेकार पड़े हैं और सभी के शटर बंद हैं. वैसे भी नगर के अधिकांश एटीएम कभी पैसे के आभाव में तो कभी लिंक नही रहने के बहाने से सफेद हाथी जैसे है. इस वजह से नगर में स्टेट बैंक को छोड़ अधिकांश बैंको के एटीएम बेकार पड़े रहते है. कईयो के तो महीनों तक शटर ही नही खुलते है जबकि उस बैंक की शाखा आसपास ही है.
सझौली संवाददाता के अनुसार, मुख्य बाजार के समीप लगे पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम मशीन से सुबह दस बजे ग्राहकों द्वारा एटीएम कार्ड के सहयोग से रूपसे निकालने की प्रयास को सफलता मिलते ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी और देखते ही देखते ग्राहकों की लम्बी कतार लग गयी.
