थोड़ी सी लापरवाही शरीर के लिए हो सकती है नुकसानदायक
सासाराम शहर : नवंबर महीने की शुरुआत होते ही हल्की ठंड भी रात में महसूस होने लगी है. सुबह-शाम व दोपहर के मौसम में भी काफी अंतर आ रहा है़ मौसम विशेषज्ञों की मानें, तो मध्य नवंबर के बाद से वातावरण में सुरसुरी घुल जायेगी, जबकि दिसंबर महीने में कड़ाके की सर्दी के लिए लोगों को तैयार रहना होगा.
इसके साथ ही सर्दी के मौसम में होनेवाली बीमारियों से बचने के लिए सतर्कता भी बरतनी होगी. इस बार मानसून काफी अच्छा रहने से सर्दी का मौसम अपने समय से आने की संभावना जतायी जा रही है. नवंबर में सर्दी सामान्य रहेगी. लेकिन, दिसंबर में इसका प्रकोप बढ़ जायेगा. 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच हाड़ कंपानेवाली ठंड अपना असर दिखा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो दीपावली बीतने के बाद अब ठंड धीरे-धीरे अपने तेवर में आयेगी. सर्दी के शुरुआत में ही लोगों को सावधानी बरतनी पड़ेगी. थोड़ी सी लापरवाही शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है.
शुरुआती सर्दी के लिए शरीर पूरी तरह तैयार नहीं होता. संदूक में रखे गर्म कपड़े धूप में दिखा कर पहनने योग्य तैयार करके रखें. सर्दी महसूस होते ही इन कपड़ों को पहनना शुरू कर दें.
खानपान पौष्टिक और सुपाच्य लें ताकि शरीर में ऊष्मा का स्तर बेहतर रहे. संभव हो तो नाश्ते में भीगे हुए ड्राइफ्रुट्स की मात्रा बढ़ायें.
देर तक जागने व दिनचर्या अव्यवस्थित होने पर नियंत्रण बढ़ाएं. सर्दी में देर रात तक जागना विभिन्न प्रकार के आंतरिक रोगों को न्योता देता है.
क्षय व गठिया के रोगियों को तो अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.दिन गरम व रात सर्द होने लगे, तो कोशिश करें कि रात्रि में भ्रमण व कामकाज से बचें.
सर्दी की हवा गरमी से भी घातक होती है. हवा सामान्य गति से ज्यादा हो तो शरीर के कमजोर अंगों जैसे कान, हाथ- पैर आदि को ढंक कर रखें. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें.
सूर्योदय के समय सैर करने की आदत बनाएं. खान-पान का समय निर्धारित रखें. ताजा व सेहतमंद भोजन लें.
रात लंबी होती है, तो सुबह का नाश्ता एक निश्चित समय पर लेना न भूलें, वह भी दिन की सबसे हेल्दी डाइट के साथ.
