डेहरी कार्यालय : रोहतास उद्योग समूह की भूमि पर अवैध कब्जा करनेवालों की अब खैर नहीं है. परिसमापक (ओएल) की गयी उक्त भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए समापक द्वारा कड़ा निर्देश जारी किया गया है.
की तरफ से डीएम सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है. उद्योग समूह के स्थानीय प्रशासक ने डालयिमानगर, तिलौथू, अमझोर आदि थानों में भूमि पर अतिक्रमण करनेवालों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करायी गयी है़
शासकीय समापक उच्च न्यायालय पटना द्वारा कंपनी की भूमि जिसके समापन का आदेश है उस पर अतिक्रमण को काफी गंभीरता से लिया गया है. अभी तक कंपनी की सभी भूमि की वस्तु स्थिति का आकलन स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारी द्वारा करा कर लगातार अतिक्रमित भूमि को खाली कराने का निर्देश दिया जा रहा है.
डालयिमानगर में उपलब्ध रोहतास उद्योग समूह की करीब पांच सौ एकड़ भूमि में से रेलवे को 220 एकड़ भूमि बेचे जाने के बाद शेष बचे भू-भाग को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी साक्ष्य के साथ लिखा गया है. प्रशासन द्वारा उक्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास जारी है.
कंपनी की जमीन पर बस गया धनपुरवा मुहल्ला: कंपनी के कर्मियों के अनुसार जिला मुख्यालय सासाराम में प्रकाश पेट्रोल पंप के आस पास रोहतास उद्योग समूह की छह एकड़ से अधिक जमीन है.
जिस पर पक्का मकान बन गया है. यहीं नहीं कंपनी के स्वामित्ववाले उक्त भूमि की खरीद बिक्री भी बेधड़क की जा रही है. धनपुरवा के नाम से प्रसिद्ध उक्त मुहल्ले के अधिकतर भवन कंपनी की जमीन पर ही बने बताये जाते हैं.
इसकी जांच कर कार्रवाई के लिए कंपनी के अधिकारी लगे हुए है. यही नहीं जिला मुख्यालय व उसके आस-पास के इलाकों रजोखर में करीब पांच एकड़, हेतीमपुर में 81 डिसमिल, आशिकपुर में 1.33 एकड़, मिर्जापुर में 60 डिसमिल, कोटा में 6.5 एकड़, मुंडी सराय में 3.5 एकड़, सोनगांवा में 12.5 एकड़ व घरबइर में 2.5 एकड़ जमीन कंपनी का है. इस पर कई जगह अतिक्रमण या अवैध कब्जा जमा कर लोग बैठे हैं.
झोंपड़ी मुहल्ले में बनवाया गया मंदिर भी
रोहतास उद्योग समूह की भूमि पर वर्षों से कब्जा जमाये लोगों के ऊपर कंपनी प्रशासक द्वारा एफआइआर दर्ज कराना शुरू किये जाने से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है.
डालमियानगर में रेलवे स्टेशन के समीप कंपनी की भूमि पर बसे झोंपड़ी मुहल्ला में मंदिर निर्माण कराये जाने के विरुद्ध कंपनी प्रशासन द्वारा पिछले दिनों डालयिमानगर थाना में एफआइआर दर्ज कराया गया. यही नहीं तिलौथू व अमझोर में भी कंपनी की जमीन पर अवैध कब्जा करनेवालों पर कंपनी द्वारा एफआइआर कराया गया है. समापक के कर्मियों द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है.
की जा रही कार्रवाई
रोहतास उद्योग समूह के प्रशासक एआर वर्मा कहते हैं कि कंपनी की भूमि पर किये गये अतिक्रमण को चिह्नित कर उसे अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है. किसी भी भूमि पर अतिक्रमण को नहीं रहने दिया जायेगा.
लाइट रेलवे की जमीन पर भी अवैध कब्जा
कंपनी के चालू रहने के समय डेहरी से पिपरा डीह तक चलने वाली डेहरी लाइट रेलवे के स्टेशनों व उसके आस-पास कंपनी द्वारा खरीदी गयी जमीन पर भी कई जगह अवैध कब्जा किये जाने को समापक ने गंभीरता से लिया है.
डीआरएल के डेहरी ऑन सोन स्टेशन पर 29.26 एकड़, डेहरी सिटी स्टेशन पर 17.26 एकड़, बडिहां शंकरपुर में 0.65 एकड़, इंद्रपुरी में 3.69 एकड़, तिलौथू बाजार स्टेशन पर 5.30 एकड़, तिलौथू सरैया में 4.04 एकड़, रमडिहरा में 3.82 एकड़, तुम्बा में 2.12 एकड़, बंजारी में 13.21 एकड़, रोहतास में 25.88 एकड़, रोहतास फोर्ट में 15.80 एकड़, बौलिया रोड में 1.43 एकड़, भदारा में 1.40 एकड़, निमहथ रोड में 13.79 एकड़, नौहट्टा रोड स्टेशन में पांच एकड़, पिपराडीह में 10.70 एकड़ भूमि का कागजात मौजूद है. चुटिया में तत्कालीन पार्षवा माइनिंग का क्वायरी खदान व वर्कशॉप का कोरियारी में करीब 1800 की वस्तुस्थिति का लगातार पता लगाते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारी लगे हुए है.
