शहर में बिना नक्शा पास कराये बन रहे मकान

अनदेखी. बिल्डिंग बायलाॅज की उड़ायी जा रहीं धज्जियां डेहरी (कार्यालय) : नगर पर्षद में बिल्डिंग बाइलाज 2007 की धज्जियां उड़ाते हुए ऊंचे-ऊंचे भवन बनाये जा रहे हैं. छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में उलझे पार्षदों को शहर की इस बड़ी समस्या का आभास नहीं है कि आनेवाले दिनों में बगैर नक्शा पास कराये, बिल्डिंग बायलाॅज […]

अनदेखी. बिल्डिंग बायलाॅज की उड़ायी जा रहीं धज्जियां
डेहरी (कार्यालय) : नगर पर्षद में बिल्डिंग बाइलाज 2007 की धज्जियां उड़ाते हुए ऊंचे-ऊंचे भवन बनाये जा रहे हैं. छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में उलझे पार्षदों को शहर की इस बड़ी समस्या का आभास नहीं है कि आनेवाले दिनों में बगैर नक्शा पास कराये, बिल्डिंग बायलाॅज के पालन किये बीना बन रहे इन भवनों से यहां के निवासियों को किन-किन समस्याओं का समाना करना पड़ेगा.
बोर्ड की बैठकों में पार्षद एलइडी, डस्टबीन, बॉबकट, सफाई व्यवस्था आदि योजनाओं पर तो खूब चिखते-चिल्लाते हैं, लेकिन उन्हें कभी भी बड़ी-बड़ी अटालिकाओं के अवैध ढंग से हो रहे शहर में निर्माण के ऊपर चिखते किसी ने भी नहीं सुना. इसे पार्षदों का मौन समर्थन नहीं तो और क्या माना जाये.
िनयमों का उल्लंधन करनेवालों पर हो प्राथमिकी : शहर के निवासी ललित सिन्हा कहते हैं कि शहर के एक प्रतिशत से अधिक मकान आज बिना नक्शा पास कराये बनाये जा रहे हैं.
वैसे मकानों को चिह्नित कर इओ द्वारा एफआइआर दर्ज कराना चाहिए. मदन कुमार कहते हैं कि भविष्य को ध्यान में रख कर पार्षदों को एक जुटता दिखाते हुए अधिकारियों को बाध्य करना चाहिए की बिल्डिंग बायलॉज की अवहेलना करने वालों पर एफआइआर हो. पप्पू कुमार कहते हैं कि शहर में एक वर्ष के अंदर पांच सौ से अधिक नये भवनों का निर्माण हुआ है. इसमें अधिकतर का नक्शा पास नहीं कराया गया है. ऐसी स्थिति में किसी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से और नये मकान बनाने वालों का मनोबल बढ़ता है.
योजना पर हस्ताक्षर का अधिकार
नगर पर्षद क्षेत्र में नक्शा बनाने के लिए अधिकृत पदाधिकारी जिनके द्वारा कितने तल्ले के मकान की योजना पर हस्ताक्षर का अधिकार है इसकी भी निर्धारण किया गया है. प्रथम तल तक कनीय अभियंता प्रथम तल से ऊपर व तीन तल तक यानी पांच सौ स्क्वायर मीटर तक अभियंता व सतह से ऊपर अनलिमिटेड किसी वैध आर्किटेक्ट द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे को ही विभाग द्वारा वैध माना जायेगा.
नक्शा पास कराने की प्रक्रिया
नगर पर्षद क्षेत्र में किसी व्यक्ति को भवन निर्माण करना हो, तो प्रथम तल तक नगर पर्षद के किसी भी प्राधिकृत कनीय अभियंता द्वारा बनाये गये नक्शे के केवाला व रसीद को फोटो कॉपी, उपलब्धता भूमि प्रति वर्ग फुट 90 पैसा स्क्वायर फुट की दर से डीडी, प्राक्कलन के अनुसार लेबर शेष का एक प्रतिशत राशि का डीडी नगर पर्षद कार्यालय में जमा करना चाहिये. नगर पर्षद एरिया के नक्शा पास कराने के क्रम में टोटल स्टिमेट का लेबर शेष एक प्रतिशत का भुगतान देय अनिवार्य है.
नक्शा जमा करने के 60 दिनों के अंदर संबंधित अधिकारी द्वारा उसे अस्वीकृत नहीं किया जाता व उसका न्याय संगत कारण बता कर उस व्यक्ति को नहीं लौटाया जाता, तो उस नक्शे को स्वत: पास हुआ माना जायेगा. तीन सौ मीटर से कम भू-भाग पर मकान बनाने के लिए नक्शा संबंधित विभाग को सौंप कर आवासीय भवन बनाने के लिए पूर्व अनुमोदन के बिना मालिक मकान बना सकता है. इसके लिए भवन की ऊंचाई 10 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए. मंजिल की संख्या सतह तल से दो तल से अधिक न हो. अनुमोदित उप रेखा के अनुसार सड़क, जल, विकास, आधारभूत संरक्षण का विकास किया गया हो या नक्शा में उपबंध किया गया हो.
क्या है नियम
बिल्डिंग बाइलाज 2007 के अनुसार 10 मीटर से कम चौड़ी भूमि पर तीन तल्ला से अधिक या अंडरग्राउंड भवन का निर्माण नहीं किया जा सकता. उक्त भूमि पर नगर पर्षद द्वारा नक्शे की स्वीकृति प्रदान नहीं की जा सकती. भवन निर्माण के लिए पहले हर नगर पर्षद का अपना-अपना कानून था.
अब बिल्डिंग बायलॉेज 2014 के अंतर्गत रोड व जमीन की उपलब्धता के अनुसार, भवन निर्माण की अनुमति पटना व अन्य बड़े शहरों में दी जाती है. वह यहां भी लागू होता है. 20 फुट से अधिक चौड़ी सड़क पर कमर्शियल व तीन तल्ला से अधिक ऊंचा मकान बनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. ऊंचे मकान बनाने के क्रम में सड़क की चौड़ाई, मकान बनने वाले जगह में खाली भूमि की उपलब्धता आदि के मापदंड निर्धारित किया गया है. इसके अवलोकन के उपरांत संबंधित अधिकारी को नक्शा पास करना है.
घरों को चिह्नित कर की जायेगी कार्रवाई
बिना नक्शा पास के बने घरों को चिह्नित कर मकान मालिकों को कानूनी कार्रवाई करने के लिए नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी को कहा गया है. कार्रवाई नहीं किये जाने की स्थिति में बोर्ड की बैठक में सभी साथियों के साथ विचार विमर्श कर अगर आवश्यक हुआ तो और कठोर कदम उठाया जायेगा.
शंभु राम, मुख्य पार्षद, नगर पर्षद

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