एक वर्ष से कैमूर पहाड़ी में नहीं चला लॉग रेंज पेट्रोलिंग अभियान
हाल में नक्सलियों ने कई घटनाओं को दिया अंजाम
सासाराम (नगर) : नक्सल मुक्त कैमूर पहाड़ी पर पुलिस कि शिथिलता से लग रहा है कि नक्सली फिर से पांव जमाने में कामयाब हो सकते हैं. 2014 मार्च तक पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुके कैमूर पहाड़ी पर एक वर्षों से पुलिस का लाॅग रेंज पेट्रोलिंग का कार्यक्रम नहीं चला है. इस कारण एक बार फिर नक्सली अपना पांव जमाना शुरू कर दिये हैं. इसका ताजा उदाहरण है चार दिन पहले कंचनपुर में ईंट्ट भट्ठा व्यवसायियों के कर्मचारियों से मारपीट व लेवी पहुंचाने की धमकी देने की घटना.
एक माह के नक्सली गतिविधियों पर नजर डाली जाये, तो आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके नक्सली अपनी आय बढ़ाने के लिए बड्डी ओपी में एक ठेकेदार के मुंशी का अपहरण कर मारपीट व लेवी मांगे, रोहतास में ठेकेदार बसंत कुमार के मुंशी को अगवा किया, इसके अलावा चेनारी सहित पहाड़ी के तराई इलाकों में ईंट्ट भट्ठा व अन्य कारोबार कर रहे लोगों को लेवी पहुंचाने की धमकी मिल रही है. नक्सली लगातार अपनी गतिविधि को बढ़ा रहे हैं. लेकिन, पुलिस कार्रवाई शून्य के बराबर है.
ऐसे में यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती है, तो बरसात के दिनों में खाली पड़ने वाले कैमूर पहाड़ी पर नक्सली अपना पांव जमाने में कामयाब हो सकते हैं. इस बात को लेकर कैमूर पहाड़ी पर रह रहे लोगों में अभी से ही भय व्याप्त होने लगा है. हालांकि, वर्षों तक नक्सलग्रस्त इलाके में रहे आदिवासी वनवासी दोबारा नक्सलियों को पनाह देने के मूड में नहीं हैं. इसके लिए ग्रामीण उनसे लड़ने तक की तैयारी कर रहे हैं. जिन्हें पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है.
बोले एसपी
एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध कैमूर पहाड़ी व तलहटी के क्षेत्रों में बुधवार से एलआरपी चलाया जा रहा है. तीन दिनों का यह ऑपरेशन शुक्रवार तक चलेगा. रोहतास पुलिस, सीआरपीएफ व एसटीएफ के सहयोग से लगातार ऑपरेशन चलाया जा रहा है. नक्सलमुक्त जिले में दोबारा नक्सलियों काे पांव जमाने नहीं दिया जायेगा.
