सासाराम (नगर) : जिले में वर्षों बाद पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में नक्सलियों की धमक सुनायी देने लगी है. गत सप्ताह बड्डी थाना क्षेत्र में ठेकेदार की मुंशी की पिटायी का मामला हो या रविवार की रात कंचनपुर में चिमनी भट्ठा पर नक्सलियों के हमले की घटना. दबी जुबान से अब पुलिस भी मानने लगी है कि जिले में नक्सलियों की चहलकदमी बढ़ी है. सतर्क पुलिस सीआरपीएफ व एसटीएफ की संयुक्त टीम लगातार पहाड़ी क्षेत्रों में कॉबिंग ऑपरेशन चला रही है.
शायद इसी दबाव में नक्सली ठेकेदार के मुंशी की पिटायी कर छोड़ दिये थे. रही बात ईंट व्यवसायियों से लेवी मांगने की बात तो यह सर्वविदित है ईंट व्यवसायी नक्सलियों को पहले से ही लेवी देते आ रहे हैं.
जानकार बताते हैं कि तिलौथू व चेनारी थाना क्षेत्रों में ईंट व्यवसायी लेवी दे कर ही व्यवसाय को सुरक्षित करना समझते हैं. जिले में लगभग नौ सौ ईंट भट्ठा स्थापित हैं. इनमें अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रों में ही हैं. वहां नक्सलियों की पहुंच मैदानी क्षेत्रों से ज्यादा आसानी से होती है.
मैदानी क्षेत्र में नक्सलियों को पुलिस का भय बना रहता है. सूत्र बताते हैं कि इन दिनों कैमूर पहाड़ी पर नक्सलियों का नया दस्ता पहुंच चुका है, जो नई रणनीति बना आम लोगों का विश्वास जितने में लगे हैं. चूंकि जब तक इन्हें स्थानीय लोगों का समर्थन नहीं मिलेगा यह कभी कामयाब नहीं हो सकते है. कुछ ही दिनों बाद बरसात शुरू होने वाली है. बरसात शुरू होते ही इनके विरुद्ध ऑपरेशन चलाना मुश्किल हो जाता है.
खुफिया विभाग के इनपुट पर चौकन्ना एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को सर्तक रहने व लगातार ऑपरेशन चलाने का आदेश दिया है. अब देखना है कि नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब होते है या पुलिस पुनः इनको खदेड़ कर जिले को नक्सल मुक्त बनाने में सफल हो पाती है.
