करगहर (रोहतास) : लोकहित की जमीनों पर जिन लोगों ने अतिक्रमण किया है उन्हें स्वयं अतिक्रमण मुक्त करना होगा. बरना एक वर्ष की कैद तथा 20 हजार रुपये जुर्माना या दोनों जुर्माना लगाया जा सकता है. इस आशय की जानकारी देते हुए सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोकहित की जमीन छवर, पैन, आहर, चारागाह, खेल का मैदान, श्मशान, कब्रिस्तान इत्यादि पर जो भी लोग वर्षों से अतिक्रमण किए हुए हैं.
वे स्वयं छोड दें, अन्यथा धारा 133(1) एवं 188 के तहत नोटिस करने के बाद एक वर्ष की कारावास या 20 हजार रुपये जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है. माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा सीडब्लूजेसी 4309/2015 के आदेशानुसार बिहार सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश का अनुपालन करने हेतु पत्र प्रेषित किया है.
बिहार लोक भूमि अतिक्रमण (संशोधन) अधिनियम 2012 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए आदेश का अनुपालन नहीं होने पर उपरोक्त दंड लगाने का प्रावधान है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार के पत्रांक 1380 में आदेश का अनुपालन करने का सख्त निर्देश दिया गया है. सीओ ने सभी किसानों, मजदूरों से 15 दिन के अंदर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है.
