पत्थर माफियाओं के लिए लाभकारी रहा पंचायत चुनाव का समय
पंचायत चुनाव का समय पत्थर माफियाओं के लिए काफी लाभ वाला रहा़ इस दौरान दो बार उनको सफलता नहीं मिली, बाकी समय वह कैमूर पहाड़ी में अपना कारोबार चलाते रहे़ प्रशासन पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने में लगा रहा और माफिया अवैध तरीके से ढुलाई में लगे रहे़
सासाराम (नगर) : पंचायत चुनाव का समय पत्थर माफियाओं के लिए लाभ का समय रहा. हालांकि, इस दौरान दो बार उन्हें झटका भी लगा. लेकिन, कुल मिला कर पहले के दिनों की अपेक्षा 24 अप्रैल से आज तक का समय उनके लिए काफी लाभकारी रहा है. पुलिस व प्रशासन चुनाव के नाम पर सड़क पर रहते हुए नजरें फेरे रहे.
उनका नजर फेरना माफियाओं के लिए माकूल माहौल बना दिया. आलम यह रहा कि गिट्टी के अभाव में जितने भी कार्य रूके थे. लगभग पूरे हो गये. कई लोगों ने गिट्टी का भरपूर स्टॉक कर लिया. गांव की ओर पुलिस के पलायन का हाल यह रहा कि पहाड़ी पर पत्थर माफिया टूट पड़े. जबरदस्त पत्थरों की कटाई हुई व पोर्टेबल क्रशर मशीनों से बना गिट्टी लिंक व मुख्य रोड से जिले के दूसरे क्षेत्रों में सप्लाइ होती है.
प्रशासन मतगणना में, माफिया कैमूर पहाड़ी में व्यस्त
पंचायत चुनाव के मतदान से पहले व मतदान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई का कोई खास असर पत्थर माफियाओं पर नहीं पड़ा. 30 मई की रात की कार्रवाई के बाद प्रशासन मतगाणना की तैयारी में जुट गया व पत्थर माफिया पत्थरों की ढुलाई में. सड़क पर गिट्टी लदे वाहन रात की बात कौन कहे दिन में ही दौड़ने लगे. शहर में उनका आवागमन ज्यादा बढ़ गया. प्रशासन मतगणना में शांति व्यवस्था में व्यस्त रहा और पत्थर माफिया कैमूर पहाड़ी की शांति को भंग करने में व्यस्त है.
बोले अधिकारी
एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि मतगणना से फारिग होने के बाद अवैध खनन में लगे पत्थर माफियाओं के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई कर उनकी कमर तोड़ दी जायेगी. अवैध खनन को रोकना पुलिस का मिशन है. बंद पड़े पुलिस चेक नाका पुनः शुरू किया जायेगा. एनएमसीएच, सासाराम, मुफस्सिल, अगरेर थाना व सोन ब्रिज स्थित चेक नाका पर पुलिस के अधिकारी व जवान 24 घंटे ड्यूटी में तैनात रहेंगे. रात में पेट्रोलिंग के लिए विशेष पुलिस बल का गठन किया जायेगा.
दो बार लग चुके हैं झटके
पंचायत चुनाव का पहला मतदान 24 अप्रैल को हुआ था. उसके छह दिन पहले 18 अप्रैल को पुलिस व प्रशासन ने मिल कर पत्थर माफियाओं के गढ़ गोपी बिगहा व करवंदिया क्षेत्र में धावा बोला था. करीब 72 क्रशर मशीनें ध्वस्त की गयी थी. उक्त कार्रवाई को प्रशासन ने माकूल माना व नजर फेर गांव के चुनाव में भीड़ गये.
प्रशासन की नजर हटते ही पत्थर माफिया सक्रिय हो उठे और दोगुने जोश से पत्थर तोड़ने, गिट्टी बनाने व उसकी सप्लाई का कार्य शुरू हो गया. 19 अप्रैल से 30 मई तक इक्के-दुक्के धर-पकड़ को छोड़ कर निर्वाध रूप से अवैध तरीके से पत्थरों की ढुलाई होती रही. 30 मई को अंतिम मतदान हुआ. इसी रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई डेहरी में की. एक साथ 32 हाइवा व ट्रक पत्थर सहित पकड़े गये. पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई. कई बाइक व कार जब्त किये गये.
