नयी व्यवस्था. सप्लाइ पानी की पाइपलाइन नीली, तो नाली का रंग होगा भूरा
शहर को अलग लुक देने के लिए कदम उठाया जा रहा है़ नगर पर्षद ने प्रयास शुरू कर दिया है़ इसमें मुख्यमंत्री के सात निश्चयों में से तीन नगर पर्षद के जिम्मे ही है़
शौचालय, हर घर नल व अतिक्रमण का होगा सर्वे
सासाराम (शहर) : शहर की सड़कें अब नंबर से पहचानी जायेंगी. नगर पर्षद की फाइल में सड़कों का नंबर और रंग अंकित होगा. सड़कें लाल, हरे व हल्का काले रंग से चिह्नित की जायेगी. वहीं, जलापूर्ति पाइप लाइन नीला रंग व नाली भूरे रंग से पहचानी जायेगी.
यह व्यवस्था नगर विकास एवं आवास विभाग ने मुख्यमंत्री के सात निश्चयों में से तीन हर घर शौचालय, हर घर नल जल व पक्की नाली गली योजना को पूरा करने के लिए किया है. विभाग ने नगर पर्षद व नगर पंचायतों को शहर की गलियों, सड़कों व घरों का सात दिनों में सर्वे कराने का निर्देश दिया है. सर्वे के लिए 31 मई, 2016 टीम का गठन करने का निदेश देते हुए एक जून से कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया है.
एक जून से कार्य शुरू कराने का निर्देश
अतिक्रमण का भी होगा सर्वे
शहर में हर घर का सर्वे होगा. शौचालय व जलापूर्ति पाइप कितने घरों में नहीं है. इस का आंकड़ा इकट्ठा किया जायेगा. इसके साथ ही सरकारी जमीन के अतिक्रमण का भी सर्वे होगा. नाली जल संयोजन व सड़क बनाने में बाधक बन रहे अतिक्रमण को हटाया जायेगा.
चेक पर बन रही बाधा
मुख्यमंत्री के सात निश्चयों में तीन नगर पर्षद के जिम्मे आता है. निश्चयों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत पड़ रही है. इधर, आलम यह है कि एक माह से अधिक समय से कार्यपालक पदाधिकारी के चेक के भुगतान पर कोषागार ने रोक लगा रखी है. कर्मचारियों का वेतन भी फंस गया है. सफाईकर्मी वेतन के लिए हड़ताल कर चुके हैं. वेतन समय से नहीं मिला और अगर हड़ताल हो गया, तो मुख्यमंत्री के निश्चय को समय से पूरा करना मुश्किल हो जायेगा.
बोले अधिकारी
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निश्चयों को पूरा करने के लिए विभाग तैयार है. एक जून से सर्वे के लिए टीम गठन कर कार्य शुरू कर दिया गया है. नालियों व सड़कों की जांच की जा रही है.
शहर की हर सड़क का होगा अपना नंबर
शहर की प्रत्येक सड़क का विशिष्ट पांच अंकों का कोड होगा प्रधान सड़क का नंबर एक मुख्य सड़क का नंबर दो और नयी सड़क का नंबर तीन होगा. इसके साथ ही अगर छह प्रधान सड़कें शहर में हैं, तो 1001 से 1006 तक उनका नंबर होगा. इसी तरह मुख्य सड़क का नंबर 2001 से शुरू होगा. नगर पर्षद के कर्मचारियों को समझाने के लिए मानचित्र पर तीन वर्ग में बंटी सड़कों का अलग अलग रंग होगा. प्रधान सड़क का रंग लाल मुख्य सड़क का हरा व अन्य सड़क का रंग हलका काला होगा. इसके साथ ही नक्शे पर जलापूर्ति पाइप को दरसाने के लिए नीला रंग व नाली का रंग भूरा रखा जायेगा, ताकि सभी की बिना किसी झिझक के पहचान की जा सके.
