लक्ष्य से पीछे चल रहा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना
योजना की पूर्ति के लिए मिला तीन माह का अतिरिक्त समय
सासाराम (शहर) : राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत जिले के कुल 1710 गांवों में बिजली पहुंचाने की योजना है. जिस गांव में पहले से बिजली है, उन स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मर, तार आदि का नवीनीकरण करना है. विभाग अब तक लगभग 800 गांवों में ही काम करा पाया है.
करीब 910 गांव अभी भी बिजली के इंतजार में हैं. विद्युत कार्यपालक अभियंता (परियोजना) सकिरु रहमान ने बताया कि इस योजना के तहत एपीएल उपभोक्ताओं तक इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचा देना है. बीपीएल उपभोक्ताओं को कनेक्शन नि:शुल्क उपलब्ध कराना है. एपीएल उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिये 475 रुपये से पांच सौ रुपये तक शुल्क का भुगतान करना है.
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत दो वर्ष में कुल 1710 गांवों के बीच बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था. परंतु, उक्त समय सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जा सका. दो वर्ष 10 माह के समय में मात्र आठ सौ गांवों तक ही बिजली पहुंचायी जा सकती है. शेष 910 गांवों में बिजली पहुंचाने का कार्य अब अतिरिक्त मिले तीन माह में पूरा करना होगा. समय ही बतायेगा कि यह तीन माह या तीन साल.
बीआरजीएफ योजना
इस योजना के अंतर्गत रोहतास जिले के पावर सब स्टेशन का नवीनीकरण करना है. पांच एमबीए को बढ़ा कर 10 एमबीए का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया है. जिले के बेदा, तकिया, बिक्रमगंज, नोखा, कृपाबांध व चेनारी आदि गांव में स्थित पावर सब स्टेशन को नवीनीकरण किया जा चुका है.
वहीं दो अतिरिक्त पावर सब स्टेशन अगरेर व नटवार में स्थापित करना है. इसके लिए स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. इसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा. वहीं, जिले में 1400 पुराने ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव व मरम्मत करना है. 150 नये टांसफाॅर्मर भी इसी योजना के तहत लगाये जायेंगे. उक्त कार्यों में दो से तीन माह का समय लग सकता है.
