बारिश में डूब जायेंगी अधिकतर गलियां

लापरवाही. डेहरी शहर में अब तक नहीं करायी गयी मुख्य नालों की सफाई नगर पर्षद क्षेत्र में यदि बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं करायी गयी तो, बारिश के पानी से शहर की अधिकतर गलियां डूब जायेंगी. अधिकतर मुहल्लों की नालियां जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा है. नगर […]

लापरवाही. डेहरी शहर में अब तक नहीं करायी गयी मुख्य नालों की सफाई
नगर पर्षद क्षेत्र में यदि बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं करायी गयी तो, बारिश के पानी से शहर की अधिकतर गलियां डूब जायेंगी. अधिकतर मुहल्लों की नालियां जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा है. नगर पर्षद द्वारा नाले की सफाई के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं. लेकिन, इसका फायदा नहीं मिल रहा है.
डेहरी ऑन सोन : नगर पर्षद क्षेत्र में बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं कराये जाने से शहर के अधिकतर मुहल्लों की गलियों को पूरी तरह पानी में डूब जाने का खतरा मंडराने लगा है. मॉनसून आने का समय जैसे-जैसे करीब आ रह है, शहरवासियों की चिंता बढ़ती जा रही है.
शहरवासियों को इस बात का भय सताने लगा है कि कि जब गरमी के मौसम में कई मुहल्लों में नाली जाम होने के कारण मुहल्लों की गलियां तालाब जैसी बन गयी हैं और हल्की बारिश होने पर कई जगह तालाब बन जा रहा है, तो बरसात में क्या होगा़ नालियों या गलियों में गंदा पानी जमा होने से संक्रमण से फैलने वाली बीमारियां भी बहुत तेजी से फैलती हैं
शहर को फोरलेन से जोड़नेवाले संपर्क पथ में पुराना अनुसूचित जाति जनजाति थाने के पास न्यू डिलिया आनेवाली सड़क, आंटी डिस गली, पानी टंकी रोड, न्यू एरिया, एकता चौक व सब्जी मंडी आदि जगहों पर आज भी जलजमाव है़ हर वर्ष नगर पर्षद द्वारा नाले की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं. परंतु, पुनः स्थिति ढाक के तीन पातवाली हो जाती है.
नालों में भरा कूड़ा-कचरा: शहर की नालियों की पूरी तरह सफाई नहीं हो पा रहा है़ नालों में कूड़ा-कचरा भरा पड़ा है. नालों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च नगर पर्षद द्वारा प्रतिवर्ष किये जाने के बावजूद जल जमाव का होना लोगों की समझ में नहीं आता.
अधूरे बने नालों से भी परेशानी: कैनाल रोड में डाॅ त्रिमुला के बगल में बने नाले के ऊपर ढक्कन नहीं होने से कारण अक्सर किसी के गिरने से दुर्घटना होती रहती है़ गृहस्वामी द्वारा अपने-अपने घरों के सामने बांस की चचरी बना कर ढंकने का प्रयास किया गया है़ इसके ऊपर से गिरनेवाली मिट्टी नाले को भरने में मददगार साबित हो रहा है. कई जगहों पर पक्के नाले का अस्तित्व समाप्त हो गया है. कच्चे नाली से पानी की निकासी नहीं हो पाने के कारण जलजमाव की समस्या उत्पनन हो रही है.

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