शराबबंदी के करीब डेढ़ माह होने वाले हैं. जिले में लुक-छिप कर शराब बेचने के कई मामले सामने आये हैं. इसके लिए लोगों को पूरी तरह से दूरी बनाने के िलए अभी भी उनको जागरूक करने का अभियान चल रहा है, लेकिन शायद इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है.
सासाराम (शहर) : ‘जिस घर में हो नशाखोरी, वहां सर्वनाश हो जाता है. परिवार मे होती टूट-फूट और सब कुछ बिखर जाता है.’ उक्त नारे के साथ बुधवार को मद्यनिषेध अभियान के मद्देनजर साक्षरता कर्मी तालिमी मरकज टोला सेवक आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका द्वारा साप्ताहिक रैली निकाली गयी.
इसका नेतृत्व प्रखंड शिक्षा अधिकारी भीम सिंह ने किया. रैली प्रखंड कार्यालय से समाहरणालय पहुंच कर सभा में तब्दील हो गयी. रैली में शामिल दर्जनों लोग अपने अपने हाथों में तख्तियां लेकर नशा के विरोध में नारा लगाये. तख्तियों पर नशा के करने वालों के खिलाफ तमाम बातें लिखी हुई थी.
रैली में शामिल लोगों ने बताया कि नशा करने वाले लोग बहुत जल्द ही अपना सब कुछ बरबाद कर लेते हैं. प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक प्रमिला कुमारी ने अपने संबोधन में नशा से होने वाली परेशानियों को सब के समक्ष रखा साथ ही कहा कि इससे दूर रहना ही अपने और परिवार के लिए बेहतर उपाय हो सकता है. रैली में बैरिस्टर पांडेय केआरपी, शमीमा, शहाना,सलाना, शरत प्रियंका, उषा, किरण, ज्योति, अंजू, सुल्तान, सदाकत, मोती रावत, फिरोज मुख्तार, रीना, अंजना, सविता आदि शामिल थी.
वाराणसी व झारखंड से आ रही शराब : शराबबंदी के बाद से जिले में भी बाहर से शराब लाने जाने की शिकायत मिली है. कई जगह से पुिलस ने छापेमारी कर शराब बरामद भी की है. कुछ जगह से तो पहले से छुपा कर रखे गये शराब भी बरामद किये गये हैं.
जिले में मुख्य रूप से वाराणसी से शराब लोन की घटनाएं हो रही है. डेहरी अनुमंडल में झारखंड के लगते इलाके से देसी शराब लाने की भी सूचना मिलती रहती है. शराब की हो रही तस्करी को देख कर लगता है कि अभी भी पूरी तरह लोगों में जागरूकता नहीं आयी है.
